पुलिस कैंप में ट्रेनिंग पा रहे जवानों के मेन्यू से बीफ हटा दी गई है। - यह एक खबर आई। इसके बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा मचा दिया। विरोध-स्वरूप उन्होंने पुलिस थाने के सामने ही बीफ करी और ब्रेड बाँटा।
उन 3 बूचड़खानों की पहचान की गई, वहाँ से 200 किलोग्राम मिलावटी मांस (मटन+बीफ) जब्त किया गया। इससे पहले लगभग 10 टन संदिग्ध गोमांस जब्त किया गया था। वेटरिनरी विंग के प्रमुख ने मीट खरीदते समय लोगोंं को सतर्क रहने की सलाह दी और साथ ही कहा कि...
मोईन कुरैशी दुबई और लंदन से लेकर यूरोप तक के हवाला कारोबार में संलग्न रहा है। केंद्र सरकार के कई बड़े अधिकारियों का कहना है कि कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं ने मोईन कुरैशी को बचाने के लिए पूरा जोर लगाया और उसे संरक्षण दिया।
वीडियो में अभिसार शर्मा सरकार के कथित 'दोहरे मापदंड को एक्सपोज' करते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि एक ओर यह सरकार गाय की बात करती है जबकि दूसरी ओर बीफ एक्सपोर्ट का यह आँकड़ा हमारे सामने है। इसके बाद अभिसार शर्मा एक सूची के जरिए ये बताते नजर आ रहे हैं कि बीफ एक्सपोर्ट में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।
बीफ और मांस के ख़िलाफ़ अभियान में यह यूनिवर्सिटी अकेली नहीं है बल्कि कैम्ब्रिज-ऑक्सफॉर्ड के कई कॉलेजों के अलावा कई अन्य अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज ने 'मीट फ्री मंडे' मनाने का निर्णय लिया है। शाकाहारी भोजन खाने वाले छात्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है और...
इरा द्वारा गोमांस के प्रचार को लेकर सामने आए विवाद के बाद उन्हें दूरदर्शन ने चौबीस घंटे घर पर योग करने की आजादी दे दी है। अब वो दूरदर्शन पर योग नहीं सिखा पाएँगी। हालाँकि, इस प्रकरण के बाद वो ट्विटर पर माफ़ी माँगती नजर आईं थी।
इस घटना को लगभग एक वर्ष होने वाला है और इस एक वर्ष के भीतर ही कॉन्ग्रेस के युवा अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जनेऊ भी धारण किया, अमरनाथ यात्रा का भी फोटोशॉप किया, समय और परिस्थिति के अनुसार हिन्दू प्रतीकों के साथ खूब तस्वीरें खिंचवाते नजर आते हैं, उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के मंदिर का भ्रमण और धोती पहनना सीखने तक के उपक्रम राहुल गाँधी को करने पड़े हैं।
जसविंदर का कहना है कि जब उनके साथ हुए धोखे का अहसास हुआ तो वे सुपरमार्केट हर्जाना मांगने पहुंचे। वहाँ कर्मचारियों ने उनसे माफी मांगते हुए 200 डॉलर का एक गिफ्ट वाउचर ऑफर किया।
फोटो के बारे में सर्च करते ही इस फोटो की हिस्ट्री हमारे सामने आ गई। इसके बाद हमने देखा कि 'ट्रूथ ऑफ गुजरात' नाम के एक वेबसाइट ने इस तरह के फोटो को कई बार 30 मार्च 2014 और फिर 2016 में भी शेयर करते हुए लोगों के फोटो से जुड़ी गलत जानकारी दी है।