जहाँ एक तरफ़ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पदयात्रा कर के लगातार इस क़ानून के विरोध में रैलियाँ कर रही हैं, सीएए के समर्थकों को रोकने के लिए कई इलाक़ों कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है। रैली में शामिल होने वाले लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है।
जहॉं गोली मारी गई उस इलाके को तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक मंत्री ने 'मिनी पाकिस्तान' करार दिया था। एक पाकिस्तानी पत्रकार को ममता बनर्जी के मंत्री फरहाद हाकिम ने कहा था कि गार्डन रीच वाला इलाक़ा कोलकाता का 'मिनी पाकिस्तान' है।
करीमपुर से भाजपा प्रत्याशी मजूमदार को सूचना मिली थी कि एक बूथ पर लोगों को वोट डालने नहीं दिया जा रहा। जब वे बूथ पर पहुॅंचे तो तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया।
हाल के समय में बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। भाजपा नेताओं का कहना है, " पश्चिम बंगाल में कानून का कोई राज नहीं हैं। जहाँ आमिर को मारा गया, वह जगह एसडीपीओ कार्यालय से ज्यादा दूर नहीं है।"
तृणमूल कॉन्ग्रेस पर हमले और हुडदंग का सीधा आरोप लगाते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद, रवीन्द्रनाथ टैगोर व नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जैसे रत्न पैदा करने वाली बंगाल की धरती आज हत्यारे और तानाशाही के रवैये वाली तृणमूल के गुंडों का अड्डा बन गई है।
अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। अंदेशा जताई जा रही है कि हिंसा की यह आग और भड़क सकती है। फिर भी लिबरल मौन हैं। ममता बनर्जी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही। और भाजपा नेता ट्वीट कर आँकड़े गिना रहे।
"पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा करने के दौरान भाजपा के एक और कार्यकर्ता को बलिदान होना पड़ा है। देबनाथ की तृणमूल कॉन्ग्रेस के अपराधियों ने गोली मारकर हत्या की है।"
तृणमूल के कई नेताओं ने दुर्गा पूजा कमिटियों के अभिभावक का दर्जा ले रखा है और वे अपने स्थानीय इलाक़ों में पार्टी के रसूख का इस्तेमाल करते हुए शर्तें तय करते हैं। वामपंथी पार्टियों का भी दुर्गा पूजा पंडालों के पास स्टॉल लगा कर अपने साहित्य और पर्चे बाँटने का पुराना इतिहास रहा है।
घटना शुक्रवार की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार झड़प में कम से कम 2 पुलिसकर्मी और 10 भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने आँसू गैस के कई राउंड फायर किए और लाठी चार्ज किया। भाजपा ने पुलिस पर लगाया टीएमसी के इशारों पर काम करने का आरोप।