भाजपा उम्मीदवार देबाश्री चौधरी ने आरोप लगाया था कि TMC कार्यकर्ता मुस्लिमों के समूह के साथ प्रचार कर रहे थे और उन्होंने वहाँ एक बूथ पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश भी की थी।
जगह-जगह बैरिकेड्स लगाकर पुलिस ने रैली को रोकने की कोशिश की। जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिदनापुर में रैली के दौरान बैरिकेड्स तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश की तो ममता बनर्जी की पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया।
पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि विधायक पर हमला, टीएमसी के भीतरी कलेश को दर्शाता है। इससे स्पष्ट होता है कि किस तरह आपसी गुटों में झगड़ा चल रहा है।
स्टिंग ऑपरेशन में यह खु़लासा हुआ है कि ज़मीनी स्तर पर कोई खास इंटेलीजेंस इनपुट नहीं था, जिसके आधार पर रथ यात्रा पर रोक लगाने की बात को वाजिब ठहराया जा सके।
शुक्रवार को कोलकाता उच्च न्यायलय की दो सदस्यीय पीठ ने एकल पीठ का फैसला पलटते हुए भाजपा को पश्चिम बंगाल में रथयात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अब भाजपा ने इस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायलय का रुख करने की घोषणा की है। ऐसे में बंगाल में सियासी पारा और ऊपर चढ़ने की उम्मीद है।