अमूल्या लियोना एक पेड प्रोटेस्टर है। पुलिस को उसने बताया कि उसका भाषण भी सीएए विरोधी ही तैयार करते हैं। फिलहाल वह देशद्रोह के मामले में जेल में है। उसे बेंगलुरू में ओवैसी के मंच से नारे लगाने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
एक भारत की व्यवस्था को चीनी माओवादी बनाना चाहता है। दूसरा भारत को चूस-चूस के शरिया की ओर ले जाना चाहता है। वैश्विक स्तर पर एक-दूसरे को फूटी आँख ना सुहाने वाले इन दो दुश्मन गुटों का भारत में याराना देखिए।
“एक बात नोट कर लें... ये ‘कयामत का दिन’ कभी नहीं आने वाला है। लोकतंत्र की आड़ में आगजनी करने की छूट सरकार नहीं देगी। तोड़फोड़ करने की छूट नहीं देगी और जिसने किया है उससे वसूली भी करेगी।”
हाईकोर्ट में इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। कॉन्ग्रेस नेताओं के अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अमानतुल्ला खान, AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान पर भी कार्रवाई की अपील की गई है।
शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई 23 मार्च तक टाल दी है। कहा कि शाहीन बाग मुद्दे पर सुनवाई से पहले उदारता और स्थिति के शांत होने की जरूरत है। बताया कि वार्ताकारों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।
एनएसए ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अराजकता नहीं भड़कने दी जाएगी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को खुली छूट दी गई है।
पर्याप्त पुलिस बल, सीएपीएफ और वरिष्ठ अधिकारी उत्तर पूर्वी दिल्ली में तैनात हैं। कुछ इलाकों में धारा 144 लागू है। दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं।
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कई इलाक़ों में हिंसा अभी भी जारी है। चाँदबाग़ इलाक़े में हिंसा भड़कने के बाद फिर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। करावल नगर में जवानों पर एसिड फेंके जाने के बाद स्थानीय लोगों ने घरेलू तरीकों से उनका उपचार करने का प्रयास किया।