पूर्व केंद्रीय मंत्री ये आरोप लगाने से भी नहीं चूके कि केंद्र सरकार अपनी सारी शक्तियों का इस्तेमाल एक ख़ास अल्पसंख्यक तबके को निशाना बनाने के लिए कर रही है। पवार का मानना है कि देश के मुस्लिमों से ये साबित करने को कहा जा रहा है कि वो इस देश के नागरिक हैं या नहीं?
"मैं आज इस बात को बहुत विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि अगर आप किसी भारतीय दूतावास में जाते हैं, तो वहाँ आपका स्वागत ऐसा होगा जिससे कि आप प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाना चाहते हैं जो पहले नहीं था।"
कंटेनर और बोरियों में भरकर क्या भेजा जाता था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। चश्मदीदों ने शाहीन बाग के अलावा यूपी के संभल भी लोग और सामान भेजे जाने की बात कही है। ताहिर का घर दंगों का हेडक्वार्टर बनकर उभरा है।
हर्ष मंदर के बारे में जाँच-पड़ताल करने पर हमें एक बेहद अज्ञात संगठन API के बारे में पता चला है। कुछ तथ्य मिले हैं जिससे पता चलता है कि यह संगठन इटली सरकार के एक अंग के रूप में काम करता है।
एक चैनल की टीम आज प्रदर्शन को कवर करने पहुॅंची। वहॉं करीब 19 औरतें ही थीं। कमजोर होते प्रदर्शन की सच्चाई छिपाने के लिए औरतों ने हूटर बजाया तो कुछ मर्द वहॉं पहुॅंचे। उन्होंने डराने के लिए महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी भी की।
इस हिंसा में ना सिर्फ हिन्दुओं को चिह्नित कर मारा गया, बल्कि उनके परिवार के साथ बसलूकी भी की गई, परिवार की महिलाओं और बेटियों के साथ अश्लील हरकत करने से लेकर पवित्र मंदिरों को भी हिंसक मुस्लिम भीड़ ने अपना निशाना बनाया। इन दंगों में एक सबसे बड़ा नाम आम आदमी पार्टी नेता ताहिर हुसैन का भी आया है।
मंदर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने और उनकी याचिका खारिज करने अपील शीर्ष अदालत से की गई है। इस बीच कथित सामाजिक कार्यकर्ता का एक और विडियो भी सामने आया। इसमें भी वे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करते दिख रहे हैं।
नीरज प्रजापति की एक 9 साल की बेटी है और 3 वर्ष का बेटा है, जिनकी शिक्षा-दीक्षा और भरण-पोषण हेतु लोगों द्वारा सहयोग स्वरूप दी गई राशि का अहम योगदान होगा। पीड़ित परिवार ने जनता के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। ऑपइंडिया भी आप सभी का धन्यवाद करता है।
मंदर का एक विडियो वायरल हुआ है। इसमें वे सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को उकसाते नजर आते हैं। शीर्ष अदालत ने इसका हवाला देते हुए कहा है कि उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। जब तक वे सफाई नहीं देते उनकी याचिका नहीं सुनी जाएगी।
हर्ष मंदर का एक विडियो वायरल हुआ है। इसमें वह सीएए विरोधियों को उकसा रहा है। उनसे कह रहा है कि फैसला न संसद में होगा, न सुप्रीम कोर्ट में होगा, बल्कि फैसला सड़कों पर होगा।