इमाद नाम का शख्स मधुर को पर्सनल मैसेज कर कहता है कि अगर मुस्लिम शरिया लॉ फॉलो करते हैं, तो इसमें उन्हें क्या दिक्कत है। फिर वह लिखता है, "वैसे तुम अपनी जान की परवाह करो, मुझे आशा है तुम्हें कमलेश तिवारी की तरह गला काटने की धमकियाँ न मिलती हों।"
"मुझे एक ही बात पता चल रही है और वो ये कि तुम अभी सिर्फ़ अपने कैमरे के सामने कंट्रोवर्सी चाहते हो। ऐसा मत करो। ये हमारे देश का सवाल है। ये सिर्फ़ 'माइनॉरिटी प्रॉसिक्यूशन' नहीं बल्कि 'रिलीजियस माइनॉरिटी प्रॉसिक्यूशन' के लिए है।"
कर्नाटक की भाजपा सांसद ने ट्वीट कर दावा किया था कि केरल कश्मीर में तब्दील होता जा रहा है। उन्होंने एक तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि CAA का समर्थन करने के कारण कुट्टीपुरम के हिंदुओं को पानी देने से इनकार कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हिंदुओं के घरों और संपत्ति को चुन-चुन कर निशाना बनाया गया। पथराव करने वालों में 8 से 12 साल तक के मुस्लिम बच्चे भी शामिल थे। 100 से ज्यादा घायलों में से कई की हालत गंभीर।
CAA विरोध के नाम पर 15 दिसंबर को हिंसा और आगजनी हुई थी। आरोप है कि कुछ लोगों ने इसके लिए भीड़ को उकसाया था। क्राइम ब्रांच ने आशु खान और आइसा नेता चंदन कुमार को भी हाजिर होने को कहा है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि देखना है तो मुस्लिमों का सब्र देखो। अग़र बर्बाद करने पर आए तो किसी देश को छोड़ेंगे नहीं। इतना गुस्सा है। वहीं जवाब में एक यूजर ने लिखा कि यह 1947 का हिंदुस्तान नहीं है कुचल कर रख देंगे।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीएए के समर्थन में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे 19 के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर दी, हालाँकि, पुलिस ने सभी को मुचलके पर छोड़ दिया।
विहिप ने ट्वीट कर कहा है कि CAA के समर्थन में निकली रैली पर इस्लामिक जिहादियों ने ईंट-पत्थर से हमला किया। पेट्रोल बम फेंके। हिंदुओ के घरों और वाहनों के साथ महिलाओं को निशाना बनाया गया।
"तुम जो ये कर रहे हो, तुमने ये फैसला कर लिया है कि सिर्फ मुसलमानों को बदनाम करने के लिए तुम डिबेट करोगे और सरकार की जूतियाँ सीधी करोगे। मैं दीपक चौरसिया तुझे चैलेंज करता हूँ.... भ*वे पत्रकार!"
"भारत माता से आज़ादी, कश्मीर से आज़ादी एक तरह के अलगाववादी नारे हैं, जिनकी CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस तरह के नारे देश पर सवाल खड़े करते हैं और CAA के ख़िलाफ़ चल रहे मज़बूत आंदोलन को कमज़ोर करने का काम करते।"