कश्मीर के शोपियाँ जिले कई दूरदराज के गाँवों में आजादी के लगभग सत्तर साल बाद बिजली पहुँची है। यह केंद्र सरकार की 'सौभाग्य योजना' के तहत सम्भव हो सका है।
"प्रवासी मजदूरों के लिए उनके काम करने की जगह पर ही सभी तरह की सुविधाएँ मुहैया कराई जाए। मजदूरों को समय पर उनके वेतन का भुगतान हो। इस अवधि के लिए मजदूरों से किसी भी तरह के किराए (मकान/घर किराया) की माँग नहीं की जानी चाहिए।"
सरकार के हलफनामे के बाद सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे ने कहा है कि अभी संविधान पीठ सबरीमाला के मामले की सुनवाई कर रही है। ये सुनवाई पूरी होने के बाद CAA मामले पर सुनवाई शुरू की जाएगी।
एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों को सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है। अर्थात यदि किसी के खिलाफ इस कानून के तहत केस दर्ज किया जाता है, तो बगैर जाँच के उसकी गिरफ्तारी हो सकेगी।
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायाधीश एस अब्दुल नज़ीर और न्यायाधीश संजीव खन्ना की पीठ ने इस कानून को चुनौती देने वाली दर्जनों याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया। हालाँकि, पीठ ने साफ़ किया त्रिपुरा और असम से संबंधित याचिकाओं पर अलग से विचार किया जाएगा।