"सरकार अभिभाषण के ठीक बाद बहुमत साबित करे। विश्वास मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर होगा, अन्य किसी तरीके से नहीं। इसकी संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। यह कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च को प्रारंभ होगी और स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी।"
राज्यसभा के लिए बीजेपी ने तीन उम्मीदवार खड़े कर कॉन्ग्रेस की नींद उड़ा दी है। उसे क्रॉस वोटिंग का डर सताने लगा है। इसके कारण 35 विधायक जयपुर और 15 उदयपुर ले जाए जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में बीजेपी ने बजट सत्र स्थगित कर फ्लोर टेस्ट की मॉंग की है।
उम्मीदवार बनाए गए डांगी सीएम गहलोत के बेहद करीबी बताए जाते हैं। उनकी उम्मीदवारी से पायलट भी सहमत नहीं थे। हालॉंकि आलाकमान के हस्तक्षेप पर वे मान गए। लेकिन, डांगी की उम्मीदवारी को लेकर अब भी पार्टी में एक राय नहीं है।
विधेयक में कहा गया है कि दो बच्चा नीति को मानने वालों को प्रोत्साहित और नहीं मानने वालों को सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए। एक ही बच्चे पर नसबंदी कराने वालों को सरकार की ओर से विशेष प्रोत्साहन देने की पैरवी की गई है।
इस्तीफा देने वाले कॉन्ग्रेस विधायकों में से 6 आज स्पीकर से मिलेंगे। स्पीकर ने इन विधायकों से मिलकर इस्तीफे की सत्यता बताने को कहा था। 6 विधायकों को आज, 7 को शनिवार और बाकी 9 विधायकों को रविवार को उपस्थित होना है।
"प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके बाद भी पीड़ित किसानों का दर्द नहीं सुना जा रहा है। मंत्रियों को टाइट करने की जरूरत है। साथ ही उन दो-तीन विधायकों को भी जो खुद को मुख्यमंत्री से भी ऊपर समझ रहे हैं।"
बकौल निरुपम महाविकास अघाड़ी की सरकार अस्थिर है और यह लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार बेहद कमजोर विकेट पर खेल रही है और किसी भी वक्त गिर सकती है।
जयपुर के दो रिसॉर्ट में कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश के अपने विधायकों को रखा है। रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का यह 14वॉं मौका है। अब तक नौ राज्यों की सियासी उठापठक की वजह से यह देखने को मिला है। इस सिलसिले की शुरुआत 1982 में कॉन्ग्रेस के ही भय से हुई थी।
लोकसभा चुनाव के वक्त सार्वजनिक तौर पर कहा गया था कि राज्यसभा चुनाव के वक्त राजद अपने कोटे की एक सीट कॉन्ग्रेस को देगी। लेकिन, अब उसने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। ऐसा कॉन्ग्रेस के वादा याद दिलाने के बावजूद किया गया है।