धनबाद जिले में विधानसभा की 6 सीटें हैं। इन सीटों के लिए अब तक कुल 40 लोग दावेदारी पेश कर चुके हैं। इसके लिए ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने सभी से पाँच-पाँच हजार रुपए लिए। कुल मिलाकर उन्होंने 2 लाख रुपए की वसूली की।
झाविमो सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कॉन्ग्रेस महागठबंधन में झाविमो को बनाए रखने के पक्ष में है। राजद 14 सीटों की मॉंग कर रहा है, जबकि झामुमो उसे चार-पॉंच से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है।
कॉन्ग्रेस की सहयोगी पार्टी एनसीपी के नेता ने कहा कि उनका व्हाट्सएप्प हैक किए जाने की सारी ख़बरें आधारहीन हैं। इस तरह उन्होंने कॉन्ग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी। इसके बाद कॉन्ग्रेस समर्थक तीन महिला पत्रकारों ने प्रफुल्ल पटेल के इस बयान पर चर्चा की।
"कॉन्ग्रेस पार्टी भले ही दस साल आगे की सोच रखने का दावा करती हो मगर सच्चाई यह है कि इस पार्टी के लोग अगले दस मिनट में क्या कर डालेंगे, इसका किसी को कोई अंदाज़ा नहीं। हकीकत यह है कि आप आने वाले समय में एक वेब सीरीज बना सकते हैं कि कैसे कॉन्ग्रेस पार्टी जनता से दूर होती चली गई।"
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान की मंशा पर उन्हें अब भी शक है। करतारपुर कॉरिडोर और गुरु नानक के नाम पर यूनिवर्सिटी शुरू करने जैसे पाकिस्तान के फैसलों को लेकर भारत को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।
वेदांती ने कहा, "राम मंदिर के निर्माण में देरी के लिए कॉन्ग्रेस और पाकिस्तान जिम्मेदार हैं। वे नहीं चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट में यह मसला सुलझे।" साथ ही कॉन्ग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति का भी आरोप लगाया।
सिद्धू की पत्नी ने कहा, "सिद्धू ने ज़रूरी अनुमति के लिए आवेदन किया है। उन्हें करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम में आने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से विशेष निमंत्रण मिला है। अगर उन्हें अनुमति मिलती है तो वह ज़रूर जाएँगे।"
“सब जानते हैं कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने हमारे कई विधायक और नेताओं को अपने खेमे में शामिल कर लिया था। अगर वे सरकार बनाने में सक्षम होते हैं, तो वे फिर से और अधिक सख्ती के साथ ऐसा करेंगे। ऐसे में अगर हम शिवसेना के साथ सरकार बनाने में सक्षम....."
शिवसेना को समर्थन पर कॉन्ग्रेस का विभाजन साफ-साफ नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण इसके पक्ष में बताए जाते हैं। वहीं, सुशील शिंदे और संजय निरुपम जैसे नेता इसका विरोध कर रहे हैं।
दिल्ली में 1 मई 2014 को ग़ैर-सब्सिडी वाले LPG की क़ीमत ₹928.50 थी और उसी साल जनवरी में इसकी क़ीमत ₹1241.00 थी। मौजूदा कीमत (₹681.50) से तुलना करें तो पता चलता है कि 2014 से यह ₹247.00 सस्ती है न कि ₹302.50 महॅंगी, जैसा सुरजेवाला ने दावा किया है।