विधानसभा चुनाव के अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं किए गए हैं, लेकिन रुझान त्रिशंकु विधानसभा का संकेत दे रहे हैं जिसमें कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत प्राप्त करती नहीं दिख रही है।
गाजियाबाद की कॉन्ग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष ने काफी संख्या में महिलाओं से ठगी की है। करीब एक साल से महिलाएँ उनसे अपना पैसे माँग रही हैं। लेकिन अब उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावी नतीजों में कुछ भी अप्रत्याशित नहीं है। गॉंधी परिवार प्रचार से दूर रहा। राहुल कम बोले। इसका असर दिखना लाजिमी था। सो, भाजपा की सीटें दोनों जगह घट गईं।
महाराष्ट्र की 288 सीटों पर भाजपा इस समय 192 सीटों से आगे होकर पूरे चुनाव को एकतरफा करती दिखाई दे रही है। इसी तरह हरियाणा की 90 सीटों पर भाजपा 43 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है, जबकि कॉन्ग्रेस कांटे की टक्कर देते हुए 36 सीटों पर आगे है।
सुभाष चोपड़ा 1968 में छात्र राजनीति से शुरुआत करने के बाद कॉन्ग्रेस की ओर झुकाव लेकर सक्रिय राजनीति में आए। 1970-71 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए। इसके बाद सुभाष दिल्ली कॉन्ग्रेस के सचिव, खजांची और महासचिव के अलावा उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कॉन्ग्रेस के चुने हुए 45 नेता भाग ले रहे हैं। शिविर से जुड़ी सूचनाएँ या तस्वीर लीक न हो इसके लिए सभी नेताओं से मोबाइल फोन पहले ही ले लिए गए हैं।
विधानसभा के दौरान 18 ऐसे नेता थे, जिन्हें कॉन्ग्रेस ने पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहने का आरोप लगा कर 6 साल के लिए निकाल बाहर किया था। वहीं अशोक तँवर को लेकर पार्टी ने अभी तक स्थिति साफ़ नहीं की है, जिन्होंने चुनाव के दौरान जम कर जेजेपी का प्रचार किया।
5 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे लक्ष्मण सिंह इससे पहले किसान कर्जमाफी पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी को भी घेर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। इसके लिए राहुल गॉंधी को माफी मॉंगनी चाहिए।
पार्टी छोड़ने वाले कॉन्ग्रेस और झामुमो के विधायक पिछले एक महीने से भाजपा के संपर्क में थे। झामुमो छोड़ने वाले जेपी पटेल के मुताबिक अब वे सब मिलकर महागठबंधन या ठगबंधन को सबक सिखाएँगे।