सुप्रीम कोर्ट पहुँचने वाले विधायकों में आनंद सिंह, डॉ. के सुधाकर, एन नागराज, मुनीरत्न और रोशन बेग शामिल हैं। इसी के साथ कर्नाटक में सियासी संकट शुरू होने के बाद से सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने वाले बागी विधायकों की कुल संख्या 15 हो चुकी है।
इस मामले पर कमलनाथ सरकार के पंचायती राज मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सफ़ाई देते हुए कहा है, "यह गलती सरकार के स्तर से नहीं हुई है। निचले स्तर पर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। हमने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसने भी यह गलती की होगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।"
परनीत कौर ने ट्वीट कर बताया कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्वच्छता श्रमदान की सफलतापूर्वक शुरुआत उन्होंने की। उन्होंने लिखा है कि इस पहल के तहत पटियाला को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में शामिल होने और परिवेश को साफ़-सुथरा रखने की अपील की।
मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार ने भोपाल में मुख्यमंत्री के आवास सहित मंत्रियों के निवास का नवीनीकरण करने का भी निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि भोपाल में सीएम का आवास दिसंबर 2018 से खाली पड़ा है, क्योंकि कमलनाथ अभी वहाँ शिफ्ट नहीं हुए हैं।
“मुझे लगता है कि दिल्ली के उन इलाकों में डर का कोई माहौल नहीं है, जहाँ हम रहते हैं या काम करते हैं, लेकिन हाँ छोटे शहरों और गाँवों में इसका डर जरूर है। इस डर को दूर करने की जिम्मेदारी हर भारतीय की है।”
कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी को 'ग़लत डेटा' उपलब्ध कराने के लिए प्रवीण चक्रवर्ती को दोषी ठहराया था। पार्टी का मानना है कि ग़लत डेटा की वजह से ही उन्हें लोकसभा चुनाव 2019 में हार का सामना करना पड़ा। कॉन्ग्रेस ने संदेह जताया कि प्रवीण चक्रवर्ती मोदी सरकार का गुप्तचर था।
समय-समय पर कॉन्ग्रेस विभाजित होती रही है। लेकिन यहाँ सवाल यह है कि अब पार्टी के विधायक अलग होकर नई पार्टी क्यों नहीं बना रहे? वे भाजपा के साथ ही क्यों जा रहे हैं? अगर वो नया दल बना लें तो वे ज्यादा मोलभाव करने की स्थिति में होंगे।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागी विधायकों से कहा, "कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष से शाम छह बजे मिलिए और अगर आपकी इच्छा इस्तीफा देने की है तो उन्हें (अध्यक्ष को) सौंप दीजिए।" अदालत ने कहा है कि दिन के बाकी बचे वक्त में अध्यक्ष को इस्तीफे पर फैसला लेना होगा। उनके फैसले से शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया जाएगा।
गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकान्त कावेलकर के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस से अलग हुए विधायकों के गुट ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में इन विधायकों ने कॉन्ग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी दी।
संसद में सीटों का आवंटन लोकसभा संचालन की प्रक्रिया और आचरण के नियम 4 के तहत सदन के अध्यक्ष करते हैं। नियम यह भी कहते हैं कि सीटों के आवंटन में अध्यक्ष अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर पंक्ति में पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले पार्टी को सीट आवंटित करने का एक फॉर्मूला है।