वीडियो के वायरल होने के बाद कॉन्ग्रेस की महिला विधायक के इस रवैये पर पार्टी की फजीहत होने लगी तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि अधिकारी पानी की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे थे, जिस वजह से उन्हें गुस्सा आ गया।
जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष एच विश्वनाथ ने कॉन्ग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस नेताओं को गठबंधन सरकार में बिखराव लाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे (कॉन्ग्रेस नेता) 2022 में राजनीति कर सकते हैं, लेकिन अभी सही वक्त नहीं है।
नीलम का आरोप है कि प्रियंका ने भीड़ के सामने ही उनसे तेज आवाज में बात की और कहा कि अगर आप लोग अपमानित महसूस कर रहे हैं, तो करते रहिए। इसके अलावा प्रियंका ने भीड़ के सामने कई कटु शब्द कहकर उन्हें और पार्टी जिला इकाई के पदाधिकारियों को अपमानित किया।
संजय निरुपम ने कहा कि ऐसा लग रहा है सत्यपाल मलिक, पीएम मोदी की चापालूसी कर रहे हैं, चमचागिरी कर रहे हैं, ताकि उनकी कुर्सी बची रहे। राज्यपालों को अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।
तृणमूल कॉन्ग्रेस के सदस्य ने बताया कि ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू ने महागठबंधन पर लंबी चर्चा की है जिसमें बुधवार को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात के विषय पर भी बातचीत हुई।
यह व्यक्ति ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल के रडार में अपनी हरकतों की वजह से ही आया है। हमारे सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया कि यह व्यक्ति बह से शाम तक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ही रहकर उन्हीं के साथ घूम रहा है, लेकिन काम भाजपा का ही कर रहा है और अपनी ऊल-जुलूल हरकतों के कारण रोजाना चर्चा में बना है।
जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?
आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल वोटरों की खरीद-फरोख्त के लिए किया जाने वाला था। इस सिलसिले में आईपीसी की धारा 171 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
निजी कारणों के लिए नौसेना की संपत्ति का उपयोग करने की परंपरा राजीव गाँधी द्वारा शुरू नहीं की गई थी। जवाहरलाल नेहरू ने इस पुश्तैनी परंपरा की शुरुआत की थी वो भी "आदमखोर" महिला मित्र एडविना माउंटबेटन के लिए।