चुनाव हारने में राहुल गाँधी की कोई गलती नहीं, मैं दूँगा इस्तीफा: अशोक चव्हाण

इससे पहले यूपी, कर्नाटक और ओडिशा के पार्टी प्रभारी भी अपने इस्तीफों की पेशकश कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर अपनी सीट तो हारे ही पूरे यूपी में कॉन्ग्रेस को भी कोई सीट नहीं दिला सके इसलिए उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को इस्तीफा भेज दिया है।

लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी में इस्तीफा का दौर जारी है। शनिवार (मई 25, 2019) को खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी। हालाँकि उनके इस्तीफे को कार्यकारिणी समिति द्वारा नामंजूर कर दिया गया। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं ने इस्तीफे की पेशकश की है और अब महाराष्ट्र के प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने राहुल गाँधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

चव्हाण का कहना है कि उन्होंने राहुल गाँधी को इस्तीफा भेज दिया है। अब इसे स्वीकार करना या नहीं, यह उन पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि राहुल चाहें तो प्रदेश संगठन में बदलाव कर सकते हैं। वो इसके लिए उन्हें (राहुल) पूरी तरह से अधिकृत करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने जल्द ही राहुल गाँधी से मिलने की भी बात कही। इससे पहले उन्होंने शनिवार (मई 25, 2019) को ट्वीट करते हुए कहा था कि चुनाव में कॉन्ग्रेस की हार एक सामूहिक जिम्मेदारी है, अकेले पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी की नहीं। अशोक चव्हाण के नेतृत्व में राज्य का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। 2014 के लोकसभा चुनाव में राज्य में कॉन्ग्रेस में सिर्फ 2 सीटें मिली थी, तो वहीं, इस बार के चुनाव में महज 1 सीट से ही संतोष करना पड़ा। अशोक चव्हाण खुद अपनी सीट भी नहीं बचा पाए।

गौरतलब है कि, इससे पहले यूपी, कर्नाटक और ओडिशा के पार्टी प्रभारी भी अपने इस्तीफों की पेशकश कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर को पार्टी ने फतेहपुर सिकरी से लोकसभा चुनाव का टिकट दिया था। राज बब्बर अपनी सीट तो हारे ही पूरे यूपी में कॉन्ग्रेस को भी कोई सीट नहीं दिला सके, सिवाय पार्टी की रायबरेली वाली परंपरागत सीट के। इस सीट पर सोनिया गाँधी ने जीत दर्ज की है। वहीं अमेठी से राहुल गाँधी तक हार गए। इतने बुरे प्रदर्शन के बाद राज बब्बर ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को इस्तीफा भेज दिया है।

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इसी तरह कर्नाटक में कॉन्ग्रेस कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष एच के पाटिल ने भी इस्तीफे की पेशकश की है। कर्नाटक में भी कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। वहाँ पार्टी केवल 1 सीट ही जीत पाई। इस हार के बाद पाटिल ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को खत लिखकर कहा कि यह सभी के लिए आत्ममंथन का समय है और वो अपनी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे रहे हैं। ओडिशा कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने भी ओडिशा में पार्टी की हार की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि पार्टी ने उनको भी टिकट दिया था मगर वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सके और उन्होंने ये बात अपने पार्टी अध्यक्ष को बता दी है। वहीं, अमेठी जिला कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने भी अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है।

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