Wednesday, April 1, 2020
होम राजनीति चुनाव हारने में राहुल गाँधी की कोई गलती नहीं, मैं दूँगा इस्तीफा: अशोक चव्हाण

चुनाव हारने में राहुल गाँधी की कोई गलती नहीं, मैं दूँगा इस्तीफा: अशोक चव्हाण

इससे पहले यूपी, कर्नाटक और ओडिशा के पार्टी प्रभारी भी अपने इस्तीफों की पेशकश कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर अपनी सीट तो हारे ही पूरे यूपी में कॉन्ग्रेस को भी कोई सीट नहीं दिला सके इसलिए उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को इस्तीफा भेज दिया है।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी में इस्तीफा का दौर जारी है। शनिवार (मई 25, 2019) को खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी। हालाँकि उनके इस्तीफे को कार्यकारिणी समिति द्वारा नामंजूर कर दिया गया। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं ने इस्तीफे की पेशकश की है और अब महाराष्ट्र के प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने राहुल गाँधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

चव्हाण का कहना है कि उन्होंने राहुल गाँधी को इस्तीफा भेज दिया है। अब इसे स्वीकार करना या नहीं, यह उन पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि राहुल चाहें तो प्रदेश संगठन में बदलाव कर सकते हैं। वो इसके लिए उन्हें (राहुल) पूरी तरह से अधिकृत करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने जल्द ही राहुल गाँधी से मिलने की भी बात कही। इससे पहले उन्होंने शनिवार (मई 25, 2019) को ट्वीट करते हुए कहा था कि चुनाव में कॉन्ग्रेस की हार एक सामूहिक जिम्मेदारी है, अकेले पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी की नहीं। अशोक चव्हाण के नेतृत्व में राज्य का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। 2014 के लोकसभा चुनाव में राज्य में कॉन्ग्रेस में सिर्फ 2 सीटें मिली थी, तो वहीं, इस बार के चुनाव में महज 1 सीट से ही संतोष करना पड़ा। अशोक चव्हाण खुद अपनी सीट भी नहीं बचा पाए।

गौरतलब है कि, इससे पहले यूपी, कर्नाटक और ओडिशा के पार्टी प्रभारी भी अपने इस्तीफों की पेशकश कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर को पार्टी ने फतेहपुर सिकरी से लोकसभा चुनाव का टिकट दिया था। राज बब्बर अपनी सीट तो हारे ही पूरे यूपी में कॉन्ग्रेस को भी कोई सीट नहीं दिला सके, सिवाय पार्टी की रायबरेली वाली परंपरागत सीट के। इस सीट पर सोनिया गाँधी ने जीत दर्ज की है। वहीं अमेठी से राहुल गाँधी तक हार गए। इतने बुरे प्रदर्शन के बाद राज बब्बर ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को इस्तीफा भेज दिया है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इसी तरह कर्नाटक में कॉन्ग्रेस कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष एच के पाटिल ने भी इस्तीफे की पेशकश की है। कर्नाटक में भी कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। वहाँ पार्टी केवल 1 सीट ही जीत पाई। इस हार के बाद पाटिल ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को खत लिखकर कहा कि यह सभी के लिए आत्ममंथन का समय है और वो अपनी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे रहे हैं। ओडिशा कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने भी ओडिशा में पार्टी की हार की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि पार्टी ने उनको भी टिकट दिया था मगर वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सके और उन्होंने ये बात अपने पार्टी अध्यक्ष को बता दी है। वहीं, अमेठी जिला कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने भी अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

जम्मू कश्मीर पर भारत को बदनाम करने में लगा है ध्रुव राठी, बलूचिस्तान पर साध लेता है चुप्पी

इसी बीच उसका एक और प्रोपेगंडा सामने आया है। वो कई देशों के स्वतंत्रता संग्राम पर भी वीडियो बनाता रहा है। इस दौरान वो जम्मू कश्मीर का नाम तो लेता है लेकिन कभी भी बलूचिस्तान के बारे में कुछ नहीं कहता।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

169,325FansLike
52,714FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements