मीडिया के एक धड़े में कॉन्ग्रेस की संभावित हार को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शायद इतना ‘दाँव’ पर लगा है कि अब खुलकर भाजपा को हराने की हिमायत उनकी मजबूरी है।
अरुणा के साथ-साथ उनके पिता, पति, भाई, ससुर और देवर- ये सभी विधायक रह चुके हैं। अरुणा राजशेखर रेड्डी और रोसैया की कैबिनेट में मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में लौटेगी और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे।
भाजपा और कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र में डेढ़ दशक का फ़र्क़ है। अगर वंशवाद को हटा दें तो कॉन्ग्रेस में शायद ही कोई बड़ा युवा नेता हो। जबकि विपक्षियों द्वारा रूढ़िवादी कही जाने वाली भाजपा के किसी भी मुख्यमंत्री की उम्र 65 से ज्यादा नहीं है।
DMK के घोषणापत्र में एक तरफ जहाँ लोक-लुभावन घोषणाओं की झड़ी लगाकर वोटरों को साधने की कोशिश की गई है, तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारे को रिहा कराने का वादा भी किया गया है।
बंगाल में वामदलों ने कॉन्ग्रेस को दरकिनार कर दिया। सपा-बसपा ने यूपी में कॉन्ग्रेस को धता बता कर गठबंधन कर लिया। अब तेजस्वी यादव के अल्टीमेटम के बाद बिहार कॉन्ग्रेस को या तो कम सीटों पर समझौता करना पड़ेगा या अकेले चुनाव लड़ना पड़ेगा।
दिव्या पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की बेटी हैं। महिपाल पर नर्स भँवरी देवी के अपहरण का मामला चल रहा है। इस से पहले उन पर पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के भतीजे की हत्या का भी आरोप था। दिव्या अधिकारियों को भी धमकी दे चुकी हैं।
मुदलपाल, ब्यातारण्यपुरा, जयनगर, जेपी नगर और नागापुरा वार्ड कैंटीन से प्राप्त भोजन पर परीक्षण किया गया था। नमूनों के तौर पर चावल, सांभर और अन्य व्यंजन शामिल किए गए थे।
एयर स्ट्राइक से पहले यहाँ पर कयास लगाए जा रहे थे कि कॉन्ग्रेस को 100 सीटें मिलेंगी, लेकिन अब ये अनुमान लगाया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस 72 से 74 सीटों तक ही सिमट जाएगी।