कॉन्ग्रेस प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा, “पार्टी के कार्यकर्ता भी चाहते थे कि कॉन्ग्रेस इस तरह की बयानबाजी न करे।
आम लोग चाह रहे थे कि पूरे देश के लोगों को सेना के साथ खड़ा रहना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश कॉन्ग्रेस जैसे भी हो, कहीं न कहीं गलत कदम उठा रही थी। सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही थी।”
छत्तीसगढ़ में वर्तमान कॉन्ग्रेस सरकार का ये पक्षपातपूर्ण निर्णय ऐसे समय में आया है जब कॉन्ग्रेस पार्टी लगातार मोदी सरकार को घेरने के लिए बलिदानी सैनिकों का सहारा लेकर लगातार राजनीति कर रही है।
युवा स्वाभिमान योजना में विभिन्न ट्रेड्स में इलेक्ट्रीशियन, अकाउंट्स असिस्टेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, ड्राइवर व फोटोग्राफर के अलावा पशु हाँकने का काम भी शामिल है।
कॉन्ग्रेस पार्टी ने 15 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इनमें उत्तर प्रदेश से 11 और गुजरात से 4 उम्मीदवारों का नामों का ऐलान किया है। सोनिया गाँधी अपने मौजूदा संसदीय क्षेत्र रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी जबकि राहुल गाँधी को अमेठी से उम्मीदवार बनाया गया है।
हाल ही में अपने बयान में श्री वाड्रा ने बिना किसी के कुछ कहे ही अपनी सफाई देते हुए खुद के मामले की तुलना विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगौड़े लोगों से कर डाली।
उमा भारती ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी को शर्म आनी चाहिए क्योंकि इन्होने 1984 एवं 1991 में लोकसभा चुनाव में इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी की शहादत को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि राहुल जिस तरह की हरकत कर रहे हैं उससे वह अब पप्पू कहलाने के लायक नहीं बचे हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस को गधों की सेना और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को गधों का सरताज कहा।