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CoronaVirus

Zee न्यूज की मरकज के साथ तुलना केवल कुंठा… जमात के गुनाहों पर पर्दा डालने का और तरीका तलाशो लिबरलों

Zee न्यूज के कर्मचारियों का कोरोना संक्रमित होना वह संकट है, जिससे पूरी दुनिया आज जूझ रही है। जमातियों की तरह उन्होंने इसे छिपाने की कोशिश नहीं की।

बंगाल: भ्रष्टाचार उजागर करने वाले युवक की मौत, TMC पार्षद रुपाली सरकार और उनके समर्थकों ने किया था हमला

सौमन दास पर TMC पार्षद रुपाली सरकार और उनके सहयोगियों ने 4 मई को हमला किया था। उसे बेरहमी से पीटा था।

गुजरात से आए मजदूरों के लिए नहीं कॉन्ग्रेस की बस: राजस्थान में पैदल चलने को मजबूर, जत्थे में गर्भवती महिला भी

हजार बसों का दावा करने वाली कॉन्ग्रेस शासित राजस्थान में ही स्थिति बेहाल है। मजदूर पैदल चलने को मजबूर हैं।

लॉकडाउन में गरीब मजदूरों की मदद करने पर मुंबई पुलिस कर रही उत्पीड़न: पर्यावरणविद् अफरोज शाह

अफरोज शाह ने मुंबई पुलिस पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। लॉकडाउन में गरीबों की मदद करने पर उनके साथ ऐसा किया गया।

कोलकाता: कोरोना+ मिलने के बाद भी बैरक नहीं करवाया सैनेटाइज, 500 सिपाहियों ने DCP पर किया हमला

सिपाहियों का आरोप है कि एक सब इंस्पेक्टर के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बावजूद उनके बैरक को सैनिटाइज नहीं करवाया गया।

हमें क्यों मारा जा रहा, हमारे बच्चे नहीं हैं क्या: बस ड्राइवरों ने कॉन्ग्रेस के खिलाफ राजस्थान सीमा पर लगाए नारे

यूपी-राजस्थान बॉर्डर पर प्रियंका गाँधी द्वारा प्रवासियों को ले जाने के लिए तैनात किए गए बसों के ड्राइवरों ने कॉन्ग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।

इंदौर: फातिहा पढ़ने कब्रिस्तान गए यूनुस कबाड़ी पर हुई FIR तो विरोध में पत्थरबाजों ने बनाया पुलिस को निशाना

मध्य प्रदेश के इंदौर में लॉकडाउन के नियमों का उलंघन कर फातिहा पढ़ने कब्रिस्तान गए यूनुस कबाड़ी को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है।

जब श्रमिक ट्रेन में गर्भवती महिला को शुरू हुई प्रसव पीड़ा, रेलवे की सहायता से दुनिया में आई नन्ही जान

रेलवे की मदद से माँ ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया व जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। इसके बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस वाकए की सूचना ट्विटर पर दी।

भुज की मस्जिद से देर रात मुस्लिमों से हथियार उठाने की अपील करने वाले अब्दुल्ला लुहार को PASA के तहत जेल

मजाकुर ममद अब्दुल्ला लुहार नाम के एक शख्स को समाज-विरोधी गतिविधियों की रोकथाम (PASA) के तहत सूरत की लाजपोर जेल में भेज दिया गया।

अफवाहों ने एक बार फिर बांद्रा पर इकट्ठा की हजारों मजदूरों की भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियाँ

दोपहर 12 बजे तक भीड़ दोबारा स्टेशन पर जमा हुई और स्थिति पुलिस प्रशासन से हाथ से निकलती दिखाई दी। पुलिस ने इस दौरान बल का भी प्रयोग किया, जिसके कारण कई मजदूरों को चोटें आई।

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