लक्ष्य दिल्ली-मुंबई में बैठे स्टॉक एक्सचेंज के खिलाड़ियों और आर्थिक बीट पर काम करने वाले पत्रकारों तक अपनी बात पहुँचाने का नहीं है, बल्कि उन्हें भी संबल देना है जो खाली पाँव, दहकते कंक्रीट पर, फफोलों के साथ निकल चुके हैं।
मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस ने अपने ट्विटर एकाउंट से लिखा है - "केवल 20 लाख करोड़..? मोदी जी, ये महामारी है, सब कुछ चौपट हो चुका है। जीडीपी का केवल 10% नहीं, कम से कम जीडीपी का 50% तो दीजिए।"
''कल शाम को जिन्होंने तेलिनीपाड़ा में शांति भंग करने की कोशिश की, उनके खिलाफ तीव्र और कठोर कार्रवाई की गई है। स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया। तेलिनीपाड़ा अब शांतिपूर्ण है।”
रवीश कुमार ने कई मुद्दों पर बात की, लेकिन उनका मुख्य फोकस यही रहा है कि भारत बर्बाद हो चुका है। टेस्टिंग महीं हो रही है। हम कोविड से नहीं लड़ पा रहे हैं। इस आदमी ने लिखना तो कम किया है, लेकिन जितना लिख रहा है प्रपंच और फ़र्ज़ी बातें ही कर रहा है।
फाउंडेशन ने लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अब तक 40 मिलियन यानि कि 4 करोड़ भोजन, प्रवासी श्रमिकों को परोसा है। इसमें 1,72,33,053 पके हुए भोजन परोसे गए, जबकि 5,57,018 आवश्यक खाद्य सामग्री की किट दी गई।
यह आत्म निर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तैर पर काम करेगा। उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जो कि भारत की जीडीपी का करीब दस प्रतिशत है।