साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने गुलशेर, गुलनवाज़ और युसूफ का जुलूस निकाला, उठक बैठक लगवाई और पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान तीनों नारे भी लगा रहे थे, ‘अपराध करना पाप है पुलिस हमारी बाप है।’
एमपी पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश की राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपित प्यारे मियाँ के अय्याशी के अड्डे को ध्वस्त कर दिया है।