अरुंधति राय द्वारा वित्तपोषित AltNews के संस्थापक प्रतीक सिन्हा क्या बिलकुल ही दिमाग से पैदल है या पूरी तरह सेंसलेस और संवेदनहीन है कि यदि कोई डेड बॉडी को भी बाहर सड़ने या जानवरों के खाने के लिए फेंक दे तो यह बर्बरता भी उसकी क्रूर और घृणित मानसिकता का स्पष्ट दस्तावेज नहीं कहा जा सकता?
'सोनम' की माँ ने कहा है कि असलम नाम के आरोपित ने अपनी 4 साल की बेटी के साथ भी बलात्कार किया था और उसकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर अपने पिता के घर चली गई थी।
लता ने रफीक को बताया कि उनके पति शहर से बाहर गए हुए हैं। इस पर रफीक ने लता से बहस करनी शुरु कर दी। थोड़ी देर में ये बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि रफीक ने महिला को चाकू मारना शुरू कर दिया।
मुस्लिम समुदाय के महबूब, आज़ाद, इसराइल, मोनीस और अलानूर को पुलिस ने अपने शिकंजे में लिया। इन लोगों ने देवस्थान में मूर्तियाँ खंडित कर दी थीं, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ उठा कर ले गए थे और वहाँ जम कर उत्पात मचाया था।
निसार घर-घर घूम कर अपनी शादी की बातें करता रहता था। वह अपनी चाची शबनम से भी शादी करने की बातें कहता था, जिसे वह टाल जाती थी। निसार को लगता था कि उसकी शादी...
जाहिद ने मासूम का गला दुपट्टे से दबाया और फिर अपने घर मेंं भूसे की ढेर में छिपा दिया। तीन दिन बाद जब शव से गंध आने लगी तो शव को बाहर लाकर फेंक दिया। पुलिस को बरामद हुआ 'सोनम' का शव पूरी तरह सड़ चुका है।
समुदाय विशेष के लोगों ने ईद होने और नमाज़ का समय हो जाने की बात करते हुए कहा कि अब उनका त्यौहार आ गया है, इसीलिए लाउडस्पीकर पर भजन नहीं होना चाहिए। श्रद्धालुओं का तर्क था कि वे गाँव के बाहर आकर भजन-कीर्तन कर रहे हैं, जबकि नमाज़ गाँव के भीतर पढ़ी जाती है।
तीनों भाइयों ने अपने गुनाह को मान लिया है। इन्होंने बताया है कि उनकी बहन एक गैर-मुस्लिम और शादीशुदा व्यक्ति के साथ संबंध में थी। परिवार इस रिश्ते के ख़िलाफ़ था। इन लोगों ने सलमा को कई बार उस आदमी से दूर रहने के लिए कहा लेकिन...
विदेशी पत्रकार वेर्लेमन ने एक विडियो पोस्ट किया, जिसमें साजिद नाम का मुस्लिम युवक आपबीती सुना रहा है। इसमें वो साफ़-साफ़ कह रहा है कि उसे जेबकतरों ने रोका, लेकिन फिर भी इस विडियो को 'हिन्दुओं द्वारा मुस्लिमों पर हमले' के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।