Homeदेश-समाजमदरसे में पढ़ने वाली नाबालिग के साथ बलात्कार कर भागने वाला था मौलाना, पुलिस...

मदरसे में पढ़ने वाली नाबालिग के साथ बलात्कार कर भागने वाला था मौलाना, पुलिस ने किया गिरफ़्तार

इससे पहले कि लोग आक्रोशित होते, मौके पर पहुँची पुलिस ने मामले में तेजी दिखाई। इस घटना के सामने आने के कुछ ही देर बाद मौलवी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर...

अलीगढ़ में तीन साल की मासूम बच्ची सोनम (बदला हुआ नाम) के साथ हुई निंदनीय घटना का गुस्सा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि कानपुर में इसी तरह की एक और वारदात को अंजाम दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा अधिनियम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक सामने आ रही इन खबरों ने राज्य में बढ़ रही ऐसी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है।

अलीगढ़ की सोनम और हमीरपुर की मासूम बच्ची के बाद अब एक 16 वर्षीय नाबालिग को दरिंदगी का शिकार बनाया जाना यूपी की चरमराई कानून व्यवस्था की गवाही दे रही है। इस मामले में अभी तक सरकार की तरफ से भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दरअसल, तीसरी बार सामने आई यह निंदनीय और शर्मनाक घटना कानपुर की है, जहाँ के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित मछरिया में मुस्लिम समाज का मदरसा बना हुआ है। यहाँ मदरसे में बतौर मौलवी मोहम्मद जावेद ने परिसर में आने वाली 16 वर्षीय मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस ख़बर की सूचना फैलते ही इलाके में हड़कम्प मच गया।

इससे पहले कि लोग आक्रोशित होते, मौके पर पहुँची पुलिस ने मामले में तेजी दिखाई। इस घटना के सामने आने के कुछ ही देर बाद मौलवी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं दूसरी तरफ पीड़ित नाबालिग को मेडिकल के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।

अग्निवीरों के रोजगार पर कांग्रेस शासित राज्यों की चुप्पी क्यों? बीजेपी सरकारों ने बनाई नीति, विपक्षी राज्यों में अब भी इंतजार

अग्रिवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेगा जिसमें से 75 फीसदी सेना छोड़ देंगे। इनके जॉब को लेकर कॉन्ग्रेस सरकारें कोई प्लान नहीं बना पाई है।
- विज्ञापन -