हत्या करने के बाद आरोपित आलम सीधा मस्जिद भागता है। उसे यह आत्मविश्वास कहाँ से आया कि मस्जिद में छिपने से वह सज़ा से बच जाएगा? मीडिया से एक सवाल। अगर मारने वाले का कोई मज़हब नहीं तो बीच-बचाव करने वाले का मज़हब हाइलाइट करना ज़रूरी क्यों?
महिलाओं के गुप्तांगों पर लात मारी गई और उनके कपड़े फाड़ डाले गए। महिलाओं की इतनी निर्मम तरीके से पिटाई की गई कि वो काफी चीख-चिल्ला रही थीं। आरोपितों ने पुलिस के पहुँचने के बाद भी पीड़ितों को पीटना नहीं छोड़ा।
दिल्ली का निज़ामुद्दीन और यूपी के गाज़ियाबाद, मेरठ शामली सहित करीब सात रेलवे स्टेशनों का नाम इस धमकी भरे ईमेल में शामिल है। रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने के लिए इस तरह का धमकी भरा ईमेल पहली बार भेजा गया है।
शिव सिंह पर यह हमला कॉन्ग्रेस MLA अदिति सिंह के काफिले पर हरचन्दपुर एरिया, लखनऊ-रायबरेली हाइवे पर हुए हमले के कुछ देर बाद हुआ। हालाँकि, पुलिस विभाग का कहना है कि शिव सिंह पर हुए इस हमले का कॉन्ग्रेस MLA पर हुए हमले से कोई सम्बन्ध नहीं है।
मृतक त्यागी को 11 लोगों ने घेर कर मारा था। इस हत्याकांड में आरोपितों के परिवार की 4 महिलाएँ भी शामिल थीं। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने मस्जिद में शरण लेनी चाही। चर्चा है कि गाँव वाले किसी भी मुस्लिम को घर किराए पर न देने का निर्णय ले सकते हैं।
गैर-मुस्लिम मर्द के साथ प्रेम करना सलमा को बहुत भारी पड़ा। अपने ही दो भाइयों के जान से मारने की कोशिश (गला घोंटने और एसिड डालने) के बाद वो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल तो रही है लेकिन बार-बार अपनी अम्मी (माँ) को खोज रही है। वो उस माँ को खोज रही है, जो अस्पताल में अपनी तड़पती बेटी को छोड़कर अचानक से भाग गई।
पीड़िता अनाथ है, उसके माता-पिता नहीं हैं। वह नोएडा में एक किराए के कमरे में रहती है और नौकरी कर अपना जीवन-यापन करती है। सबसे अजीब बात यह है कि लड़की लगातार चिल्लाती रही लेकिन 40 तमाशबीनों में से एक ने भी उसे बचाने की ज़हमत नहीं उठाई।
बेटी से छेड़खानी का विरोध करने जब मृतक ध्रुव त्यागी आरोपितों के घर उसके अब्बा के पास गए तो उन सबने मिलकर त्यागी पर लाठी-डंडे और चाकुओं से हमला कर दिया। उन्होनें पत्थरों से भी मारा। 2 नाबालिग भी इस हत्याकांड में शामिल हैं। पीड़िता के भाई को भी चाकू मारा गया है।
दलित महिला 5 मई को अपनी गर्भवती बहू को लेकर कठूमर सामूदायिक अस्पताल पहुँची थी। यहाँ डिलीवरी के बाद छुट्टी नहीं मिलने से अस्पताल में रुकी हुई थी। रेप पीड़िता ने बताया कि मंगलवार की रात एंबुलेंस 108 के ड्राइवर ने डिलीवरी से जुड़े जरूरी कागजों की बात कही और अपने साथ डिलीवरी रूम ले गया। वहाँ उसके मुँह में कपड़ा ठूँसकर उसके साथ रेप किया।
सामाजिक समारोह में इस प्रकार की झड़प और हिंसा जौनपुर-जौनसार में आम बात है और यही वजह है कि समय-समय पर यहाँ पर 10-15 गाँव मिलकर शादी-विवाह में शराब और DJ को प्रतिबंधित करते आए हैं लेकिन ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु होना बेहद चौंकाने वाला प्रकरण है।