सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर भारतीय सेना और सुरक्षाबलों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से एक फर्जी नैरेटिव रचने का प्रयास किया जा रहा है कि बशीर अहमद की मृत्यु CRPF की गोली लगने से हुई।
इम्तियाज हुसैन ने एक आतंकी घटना का जिक्र करते हुए बताया है लोगों ने उनके परिवार को यह कहने के लिए मजबूर किया था कि उनकी चचेरी बहन BSF द्वारा मारी गई थी, ना की आतंकियों के हमले से।
सुरक्षाबलों ने मेहराजुद्दीन को रोकने की कोशिश की तो वह रुकने के बजाए कार की स्पीड बढ़ाकर भागने लगा। तभी CRPF के जवान ने गोली चला दी, जिसमें मेहराजुद्दीन की मौत हो गई।
दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ तैनात बीएसएफ की 126 बटालियन के 94 लोगों की जाँच कराई गई। जिनमे से 75 जवान कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं।