विशेषज्ञों का मानना है कि चूँकि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद से हिंसा भड़काने के पाकिस्तान के सभी प्रयास नाकाम हो रहे हैं, इसलिए हताशा में यह कदम उठाया गया है। उसे कोई अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिल रहा, हिंदुस्तान से व्यापारिक रिश्ते तोड़ लेने का खमियाज़ा भी पाकिस्तान को ही अपने यहाँ बेकाबू हो रही महँगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
जब CRPF द्वारा हाईवे का निरीक्षण किया गया तो उस दौरान CRPF के डॉग स्क्वाड के एजॉक्सी ने मलबे में संदिग्ध वस्तु होने के संकेत दिए। सीआरपीएफ ने जब मलबा हटाया तो उसमे एक युवक दबा मिला। जिसे तत्काल सीआरपीएफ ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया।
केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा, एलपीजे सासंद चिराग पासवान, पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा बडे़ नेताओं की सुरक्षा में की गई कटौती में सियासत तेज़ होने की संभावना है।
नदी के तट पर नगीना कपड़े धो रही थी कि अचानक उसका पाँव फ़िसल गया और वो नदी की तेज़ धाराओं के साथ बहने लगी। तभी वहाँ ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवानों ने उसकी आवाज़ सुनी। उन्होंने बिना देरी किए नगीना को बचाने के लिए नदी में छलाँग लगा दी।
मारे गए तीन आतंकियों में जैश का कमांडर खालिद भी शामिल है, जो 2017 में लेथपोरा के सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले का मास्टर माइंड था। पूरे इलाके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएँ बंद कर दी गई हैं।
12 मई, 2019 नक्सलियों ने सीआरपीएफ के निर्माणाधीन भवन को विस्फोट से उड़ाकर अपनी उपस्थिति का अहसास कराया था। हालाँकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।
पकड़े गए संदिग्ध शख्स को पूछताछ के लिए CISF के सुरक्षा कक्ष में ले जाया गया, जहाँ उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और ना ही उसके पास से CRPF का कोई आईडी कार्ड या फिर फोर्स से जुड़ा कोई सबूत मिला।
एंबुलेंस आने पर मरीज हसान-उल-हक को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि सीआरपीएफ जवान संदीप कुमार और डॉक्टर सुनीम खान के समय पर उपचार करने की वजह से मरीज की जान बच गई।
हाल ही में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से हाफिज सईद के संगठनों पर बैन नहीं लगाया गया है, बल्कि सिर्फ निगरानी रखने की बात कही गई है।