24 सितम्बर को ऑपइंडिया ने इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट की थी। जिसमें हमने बच्चों के पिता गुलशेर से बात करके जाना कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पहले उनसे कहा कि बच्चों का दाखिला होगा। लेकिन, एक महीने बाद उम्र ज्यादा बताकर एडमिशन देने से मना कर दिया गया।
आज केजरीवाल को यूपी-बिहार, बंगाल और राजस्थान से आए लोगो से नफरत है। इसके उलट उन्हें बांग्लादेश और म्यांमार से आए घुसपैठियों से मोहब्बत है। देशद्रोही, नक्सली और टुकड़े-टुकड़े गैंग की राजनीति करने वाले केजरीवाल अपने वोट बैंक को एक साफ सन्देश दे रहे हैं- "दिल्ली में NRC लागू नहीं होने दूँगा और टुकड़े-टुकड़े गैंग को बचाऊँगा।"
भाजपा और जदयू ने इस बयान को लेकर केजरीवाल की तीखी आलोचना की है। इससे पहले दिल्ली में एनआरसी लागू करने के मसले पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को निशाना बनाते हुए केजरीवाल ने यूपी-बिहार से आने वाले लोगों की तुलना बाहरियों से कर दी थी।
तिवारी ने सीएम के बयान पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्या केजरीवाल दिल्ली में रह रहे देश के अन्य हिस्से के लोगों को विदेशी मानते हैं? तिवारी ने दावा किया कि अरविन्द केजरीवाल अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
रचना ने जावेद और उसकी पत्नी पिंकी को घर के बाहर बहस करते सुना। उसने जावेद और पिंकी को बुलाकर उन्हें शांत कराने और विवाद सुलझाने की कोशिश की। तभी जावेद ने पिस्तौल निकाली और हवा में फायरिंग कर दी। रचना को लहू लुहान देख वह फरार हो गया।
अमानतुल्लाह खान पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले साल दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ सीएम के आवास पर हुई मारपीट में भी कथित तौर पर शामिल थे। सिग्नेचर ब्रिज के एक कार्यक्रम में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ धक्का-मुक्की का आरोप भी उन पर है।
इस अस्थायी कोर्ट के लिए दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि विशेष जज धर्मेश शर्मा की अदालत पीड़िता का बयान रिकॉर्ड करेगी।
स्कूलों की पोल तब खुली, जब पैरेंट्स एसोसिएशन ने एक आरटीआई दाखिल की। 2000 से अधिक स्कूलों में फायर एनओसी का न होने का मतलब है कि 2 लाख बच्चे ख़तरे की जद में आ जाते हैं। दिल्ली सरकार किस अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठी है?
वीरेंदर उर्फ़ काले को मार गिराने की इस वारदात में 10 से अधिक अपराधी शामिल थे। हत्या करने के बाद सभी अपराधी भाग निकले। हमलावरों का सुराग पाने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खँगाल रही है।
वैसे यह पहली घटना नहीं है, नया मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू होने के बाद दिल्ली में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। इससे पहले गुरुग्राम में 15 हजार की स्कूटी का 23000 रुपए का चालान कर दिया गया था।