एजेएल ही वह कम्पनी है जो नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करती है और इसमें गाँधी परिवार की अच्छी-ख़ासी हिस्सेदारी है। इससे पहले ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने इस मामले में पंचकुला में स्थित प्रॉपर्टी जब्त कर ली थी।
चिदंबरम के परिवार का और कानूनी विवादों का रिश्ता नया नहीं है। चिदंबरम के अलावा उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ भी ये आरोप हैं कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ संभावित जाँच को रुकवाने के लिए 10 लाख डॉलर की माँग की थी। इस मामले में कार्ति चिदंबरम को बीते साल 28 फरवरी को गिरफ्तार भी किया गया था।
CBI तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पी चिदम्बरम की गिरफ्तारी से राहत माँगने वाली याचिका के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किए हैं। अब कोर्ट कैविएट दायर करने वालों का पक्ष सुने बिना मामले में कोई फैसला नहीं सुना सकता है।
जिस कार से चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे, उन्होंने वह गाड़ी भी वहीं छोड़ दी। इसका मतलब यह है कि राज्यसभा सांसद अपनी आधिकारिक गाड़ी से यात्रा नहीं कर रहे हैं।
2008 में एफआईपीबी की मंजूरी में कुछ दिक्कतें आईं तो पीटर मुखर्जी और इन्द्राणी ने 'उचित सलाह' के लिए तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से मुलाक़ात की। कार्ति ने मुखर्जी दम्पति से 10 लाख डॉलर रिश्वत के रूप में माँगे।
दिल्ली हाईकोर्ट चिदंबरम को 'किंगपिन' बताते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। HC ने चिदंबरम के मामले को मनी लॉन्ड्रिंग का 'क्लासिक उदाहरण' बताते हुए कहा कि ऐसे केस में यदि आरोपित को जमानत दी जाती है, तो इससे समाज में बेहद खराब संदेश जाएगा।
मोजर बिअर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से अनुमति लिए बिना सहायक कंपनियों की ओर से 2051.87 करोड़ रुपए की कॉर्पोरेट गारंटी देने का आरोप है। इससे बैंक को 354.51 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
रतुल पुरी ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा रिकॉर्ड किए गए अपने बयान की कॉपी हासिल करने के लिए गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। निचली अदालत ने 6 अगस्त को उनकी यह माँग ख़ारिज कर दी थी।
ED ने अवैध खनन मामले में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और 5 आईएएस समेत 16 लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएसए) के तहत दो केस दर्ज किए हैं।