6 दिनों में राज्य के 4 शहरों में 2200 बेड का कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया है। अहमदाबाद में 1,200 बेड और 50 ऑपरेशन थियेटर की सुविधा वाला नया सिविल अस्पताल। सूरत में 500 बेड का अस्पताल। वडोदरा में 250 बेड का अस्पताल और राजकोट में 250 बेड की सुविधा है।
दुकान का नाम गुजराती में लिखा हुआ है। ऑपइंडिया ने इस फोटो को लेकर और चीजें पता लगाने की कोशिश की और पाया कि बोर्ड पर 'चन्द्रमानवाला' लिखा हुआ है, जो गुजरात के पाटन के पास स्थित है।
अब तक देश में 344 मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अब इस वायरस का प्रकोप तीसरे स्टेज में पहुँच रहा है, जो चिंता का विषय है। गुजरात में सरकार ने लॉकडाउन की भी घोषणा की है। अभी तक देश भर के विभिन्न राज्यों में लगभग 75 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी है।
मुस्तफा 10 मार्च को दुबई से लौटा था। एक हफ्ते अहमदाबाद में रहने के बाद वह 17 को जामनगर पहुॅंचा। वहॉं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे संपर्क किया। लेकिन आइसोलेशन में भेजे जाने से पहले वह फरार हो गया।
NSUI नेता अहर्निश मिश्रा बार-बार प्रोफ़ेसर पर यह बोलने का भी दबाव बना रहा था कि “बोल, मैं अतुल, मेरी माँ का भो#$@।” NSUI नेताओं ने माँ सरस्वती के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया और संस्कृत भाषा का मजाक बनाया। जान से मार डालने की धमकी दी।
गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक सोमा पटेल और जेवी काकडिया ने राज्यसभा में उनके समुदाय के सदस्य को न भेजे जाने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमा पटेल ने राज्यसभा सीट कोली समुदाय को देने की माँग की थी। लेकिन गुजरात से कोली समुदाय के सदस्य को टिकट नहीं दिया गया।
अब तक कुल 20 घरों को आग के हवाले किया जा चुका है और इतनी ही गाड़ियों को भी फूँका जा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे के कारण अहमदाबाद में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिसका फायदा उठा कर हिन्दुओं के घरों व गाड़ियों को जला डाला गया।
“मुझे इस बात की घोषणा करते हुए खुशी है कि कल हमारे प्रतिनिधि 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा की डिफेंस डील करने जा रहे हैं, जिनमें मिलिट्री हेलीकॉप्टर और भारतीय सुरक्षाबलों के लिए अन्य चीजों शामिल होंगी।”
किंजल ने अहमदाबाद पुलिस पर भी कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी रात के 10 बजे घर में घुस जाते हैं और जबरदस्ती तलाशी लेते हैं। उनका कहना है कि गुजरात पुलिस और सरकार उनके पति को बेवजह प्रताड़ित कर रही है।
मुनाफ हलारी 1993 में जावेरी बाज़ार में ब्लास्ट मामले में दोषी था। जाँच एजेंसियों को लंबे समय से इसकी तलाश थी। मुंबई ब्लास्ट के बाद मूसा पाकिस्तान भाग गया था। वो पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ही यात्रा भी कर रहा था, जब उसे मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।