बिहार में चल रही वोटर लिस्ट की जाँच में इलेक्शन कमीशन ने 3 लाख वोटरों को नोटिस भेजा है, क्योंकि उनके दस्तावेजों में गड़बड़ी निकली है। 7 दिन के भीतर कागजात दिखाने का आदेश दिया है।
बिहार के भागलपुर में SIR प्रक्रिया के दौरान दो पाकिस्तानी महिलाओं का नाम वोटर लिस्ट में सामने आया है। इमराना खानम और फिरदौसिया खानम 1956 से भारत में छिपकर बैठी थीं।
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसंख्या से ज्यादा फर्जी आधार मिले हैं। यह जानकारी आँकड़ों से सामने आई है।
अवैध घुसपैठियों के सिंडिकेट से जुड़े लोग भारत में एंट्री करवाने से लेकर उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने, उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने और यहाँ तक की नौकरी दिलवाने तक में भी मदद करते हैं।
गृह मंत्रालय ने हर राज्य को जिला स्तर पर पर्याप्त डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया गया है, जहाँ संदिग्ध प्रवासियों को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक रखा जाएगा।