"मेरा मानना है कि जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा। यह शरणार्थियों को वापस जाने की अनुमति देगा और अपने जीवनकाल में, आप वापस जाने में सक्षम होंगे... आप अपने घर वापस जा पाएँगे और आपको सुरक्षा मिलेगी, क्योंकि दुनिया में हमारे पास पहले से ही एक मॉडल है।"
लेबर पार्टी की कमान जेरेमी कोर्बिन के पास। कोर्बिन अपने भारत विरोधी रुख और कश्मीर पर पाकिस्तानी एजेंडे को हवा देने के लिए जाने जाते हैं। पिछले महीने कोर्बिन से कॉन्ग्रेस के एक प्रतिनिधमंडल ने भी मुलाकात की थी।
26/11 की बरसी पर आतंकियों ने घाटी में दो धमाके कर दो लोगों की हत्या कर दी है। साथ ही इन धमाकों में कई लोग घायल भी हुए हैं। दोनों ही धमाके सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों अनंतनाग और राजधानी श्रीनगर में हुए हैं।
बशीर अहमद की गिरफ्तारी बेहद अहम सफलता मानी जा रही है। अनुच्छेद 370 के निष्क्रिय होने के बाद 8 अगस्त 2019 को आंचर इलाके में हुए विरोध-प्रदर्शन में उसकी मुख्य भूमिका थी।
भारतीय संसद ने संविधान में अब तक 103 बार संशोधन किए हैं। इनमें से केवल एक को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक बताया। पहला और अंतिम, दोनों संशोधन सामाजिक न्याय से संबंधित थे।
बिहार और कश्मीर के मुस्लिम छात्रों के बीच झगड़ा हुआ। वायर का दावा है कि कश्मीरी छात्रों को आतंकी कहा गया। लेकिन, एफएआईआर में इसका कोई जिक्र नहीं है। पुलिस ने भी इस दावे को झूठा करार दिया है।
महज 35 किलोमीटर दूर स्थित दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के अपने-अपने सचिवालय और बजट हैं। एक जिले वाले दादरा-नगर हवेली और दो जिलों वाले दमन-दीव के विलय से प्रशासनिक खर्चों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
फर्जी वेबसाइट IndiaSpend की एक रिपोर्ट, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में कई लोग स्वास्थ्य सेवा तक नहीं पहुँच पा रहे। इसी फर्जी खबर की काट के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ऑपइंडिया की रिपोर्ट को...