अपने बयान में राज्यपाल ने कहा कि कश्मीर में एक भी जान जाती है चाहे वो आतंकी ही क्यों न हो मुझे दर्द होता है। यही वजह है कि आतंकियों को मुख्यधारा से जुड़ने का मौका दिया जाएगा।
साल 2018 भारतीय सेना के लिए उपलब्धियों भरा रहा। पिछले साल हमारी सेना ने 250 आतंकवादियों को मार गिराया, 54 आतंकियों को ज़िंदा पकड़ा और 4 आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया
महबूबा का बयान ऐसे समय में आया है, राज्य में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए सेना लगातार छापेमारी कर रही है। पिछले साल सेना ने 250 से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया था।
अनुमान लगाया जा रहा है कि ये पूर्व आईएस अधिकारी फै़सल राजनीति को ज्वाइन करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्लाह ने उनका इस्तीफ़ा देने के बाद स्वागत भी किया है।
14 मई 1954 को एक ऐसा संवैधानिक आदेश भारत के राष्ट्रपति द्वारा जम्मू कश्मीर राज्य में लागू करवाया गया जिसने भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद जोड़ दिया।