विषय

JNU

उमर खालिद पर गोली चलने का अकेला चश्मदीद भी यही खालिद सैफ़ी था, जो आज दिल्ली दंगो की साजिश में हुआ गिरफ्तार

खालिद सैफी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि ये वही खालिद सैफी है जिसने JNU छात्र नेता उमर खालिद पर गोली चलने का अकेला गवाह था।

दिल्ली दंगों के खिलाड़ी खालिद सैफी की वो सब फोटो यहाँ हैं, जिन्हें देखकर आप कहेंगे…

गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर खालिद सैफी इन तस्वीरों में वामपंथी मीडिया से लेकर, प्रोपेगेंडा जगत की हस्तियों और AAP नेताओं के साथ नजर आया हैं।

देशद्रोह में गिरफ्तार शरजील इमाम की याचिका पर SC में सुनवाई, कोर्ट ने दिल्ली, यूपी समेत 3 अन्य राज्यों से माँगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी। हालाँकि, अदालत ने कोई तारीख तय नहीं की है।

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में चुनौतियाँ और प्रगति: जेएनयू ने आयोजित किया 2 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार

चीन, इटली, अमेरिका और भारत जैसे देशों सहित दुनिया भर के प्रमुख वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में बताने के साथ इसे रोकने के उपायों से संबंधित अपने शोध प्रस्तुत किए।

JNU नेता उमर खालिद व कई संगठनों से जुड़े उसके सहयोगियों ने मिलकर रची दिल्ली दंगों की साजिश, FIR में कई गंभीर आरोप

FIR में बताया गया है कि दिल्ली में हुई हिंसा फैलाने की साजिश उमर खालिद और उसके सहयोगियों, जो अलग-अलग संगठन से जुड़े हैं, ने मिलकर रची।

उमर खालिद और सहयोगियों पर UAPA के तहत केस दर्ज, दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों की साजिश का आरोप

JNU छात्र नेता उमर खालिद, मीरन हैदर और सफूरा जरगर के खिलाफ दिल्ली में भड़के हिन्दू-विरोधी दंगों की साजिश रचने के लिए UAPA के तहत...

JNU छात्र ने गॉर्ड से की बद्तमीजी, पकड़ा कॉलर, कहा- खाँसकर फैला दूँगा Corona, देखें वायरल वीडियो

लॉकडाउन के बीच ये छात्र विश्वविद्यालय परिसर से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जब उसे सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोका गया, तो वह वहीं बैठ गया और सुरक्षाकर्मियों से जिरह करने लगा।

JNU में फिर से लगा ‘वीर सावरकर मार्ग’ का बोर्ड: वामपंथियों ने लगा दी थी जिन्ना की तस्वीर

दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सुबनसर हॉस्टल के नजदीक एक सड़क का नाम बदलकर वीर सावरकर मार्ग कर दिया गया था। इसे देखने के बाद जेएनयू के वामपंथी छात्र काफी नाराज हुए थे। वामपंथी छात्रों के संघ ने इस कदम को शर्मनाक कहा था। साथ ही सावरकर के नाम पर मार्ग का नाम रखे जाने की निंदा की थी।

वीर सावरकर मार्ग पर कालिख पोती, लिख डाला, मो. अली जिन्ना… JNU की घटना, पाकिस्तान की नहीं

लोगों का आरोप है कि इस कुकृत्य को AISA और SFI के गुंडों ने अंजाम दिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स की माँग है कि देश में अब विभाजनकारी मानसिकता को खत्म किया जाना चाहिए।

मानवता के हत्यारे वामपंथियों की जगह भारतीयता के अग्रदूत सावरकर के नाम JNU में मार्ग के मायने

आज JNU में एक मार्ग का नाम सावरकर जी के नाम पर रखा जाना निसंदेह एक दूरदर्शितापूर्ण कदम है। यह कदम उस स्थान पर अत्यावश्यक हो जाता है, जहाँ बैठकर स्वतन्त्रता उपरांत एक खास इतिहासकारों के वर्ग ने भारतीय मूल्यों को धूलि-धूसरित करने का कार्य करते हुए इतिहास की मनगंढ़त व्याख्या हमारे समक्ष रखी।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें