मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हावड़ा रैली में बार-बार फुटबॉल को ऊपर उछाल कर उसे कैच करती हुई दिखीं। इसके बाद ‘खेला होबे’ बोलते हुए उन्होंने फुटबॉल को मंच से नीचे की ओर फेंका।
25 मार्च, 1989 को कभी नहीं भूला जा सकता। तमिलनाडु विधानसभा में, डीएमके नेताओं ने अम्मा जयललिता के साथ कैसा व्यवहार किया? उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की माँ शोभा मजूमदार की मौत को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा।
न्यूज़लॉन्ड्री ने जहाँ 88 साल के ई श्रीधरन के साथ बदतमीजी की, वहीं केरल की वामपंथी मंत्री केके शैलजा को रॉकस्टार बता गुणगान किया। यही है 'निडर पत्रकारिता'?