गौरी लंकेश की हत्या के बाद पूरे राइट विंग को गाली देने वाले नहीं बता रहे कि कमलेश तिवारी की हत्या का जश्न मना रहे किस मज़हब के हैं, किसके समर्थक हैं? कमलेश तिवारी की हत्या से ख़ुश लोगों के प्रोफाइल क्यों नहीं खंगाले जा रहे?
जब अभियुक्त हिन्दू हो, पीड़ित कट्टरपंथी तब ये शरियत से चलते हैं। तब फतवा निकलता है, तब इसी राष्ट्र के संविधान की होली जला कर कट्टरपंथी वही करता है जो एक बड़ा कट्टरपंथी कहीं से बैठ कर आदेश देता है।
भगवान राम को दारूबाज बताने वाला 5 बार मुख्यमंत्री रहा। 'सेक्सी दुर्गा' अभिव्यक्ति की आज़ादी है। एमएफ हुसैन ने भारत माता की नंगी तस्वीर बनाई। ओवैसी ब्रदर्स लगातार हिन्दुओं को ललकारते हैं। ज़ाकिर नाइक ने भगवान गणेश का अपमान किया। लेकिन, गला रेता गया कमलेश तिवारी का।
वे पर्दे के पीछे से साजिश रचेंगे और डराने के लिए खून भी बहाएँगे। वे चाहेंगे कि माहौल बिगड़े ताकि मंदिर निर्माण टलता रहे। वे नक्शे को फाड़ेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि जिस दिन हिंदू जगेगा उनका इतिहास हर गली-नुक्कड़ पर फाड़ा जाएगा।
1. अगर कोर्ट सजा नहीं देगा तो भारत के मु*#मान खुद तेरी सजा तय करेंगे। 2. तुम्हारे पैरों के नीचे कोई जमीन नहीं होगी। 3. यदि कानून हमारे प्रति वफादार नहीं होगा तो इसे अपने हाथों में लेना होगा। - वो 3 धमकी, जो कमलेश तिवारी को खुलेआम दी गई थी।
सूरत के मौलवी मोसिन सलीम शेख, फैजान पठान और शमीम रशीद को हिरासत में लिया गया है। रशीद को कंप्यूटर का ज्ञान है और वो दर्जी का काम करता है। इस मामले में कुछ और लोगों को हिरासत लिया गया था जिन्हें...
“कमलेश तिवारी राह का काँटा था और जो कोई भी इस्लाम और मुस्लिमों की तरफ उँगली उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। अलहिंद ब्रिगेड जिम्मेदारी लेता है। और ज्यादा देखने के लिए तैयार हो जाओ। युद्ध शुरू हो गया है। अलहिंद ब्रिगेड कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी लेता है, जिसने इस्लाम और मुस्लिमों को बदनाम किया था।”
सत्ता के परिवर्तन और समय के चक्र से कभी-न-कभी कॉन्ग्रेस, माकपा, हिन्दू कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले 'मुल्ला मुलायम' की सपा जैसे लोग वापिस आ ही जाएँगे। उस समय अगर राम मंदिर सरकारी नियंत्रण में रहे तो क्या होगा, ये कभी सोचा है?
आरोपितों और तिवारी के बीच किसी मुस्लिम लड़की की हिन्दू लड़के से शादी की कोई बात चल रही थी। इसके बाद उन गुंडों ने नौकर सतेंद्र को 100 रुपए का नोट दिया और गोल्ड फ्लैक्स पाँच सिगरेट लाने को कहा। वो पैसे लेकर बगल की दुकान से सिगरेट लेने चला गया, शायद वो लोग मौक़ा ढूँढ़ रहे थे।
केरल सरकार में तो ऐसे लोगों के 'कल्याण' के लिए पूरा एक विभाग है जिन्होंने हिंदू धर्म त्यागकर ईसाई पंथ अपनाया। सरकार ने हिन्दू से ईसाई बनने वाले लोगों लिए एक पूरी कंपनी खोल रखी है। हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाई बनने वालों के लिए विशेष तौर पर सुरक्षित किए गए इन पदों का वेतन ₹45,800 से ₹89000 तक है।