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हे संजय! सच-सच बतलाना: तुम इतनी बेशर्मी, इतना बड़बोलापन लाते कहाँ से हो?

जब सुशासन की ही पोल खुल चुकी हो तो उसके बड़बोले मंत्री के दावों पर गौर करना बेमानी है। लेकिन, यह सियासत है। और वो भी बिहार की, जिसके समीकरण दिल्ली से ही तय होने हैं। लिहाजा हर ट्वीट के पीछे का गणित समझना जरूरी हो जाता है।

प्रिय हिन्दुओ! कमलेश तिवारी की हत्या को ऐसे ही जाने मत दो, ये रहे दो विकल्प

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक आम हिन्दू की तरह, आपकी तरह- मैं भी गुस्से में हूँ और व्यथित हूँ। समाधान तलाश रहा हूँ। मेरे 2 सुझाव हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस गुस्से का हिन्दुओं के लिए कोई सकारात्मक नतीजा निकले, मेरे इन सुझावों को समझें।

288 में 243: महाराष्ट्र चुनाव के सारे Exit Polls में देवेंद्र और नरेंद्र का करिश्मा, पवार-कॉन्ग्रेस होंगे साफ़

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना साथ साथ गठबंधन बना कर लड़ रहे हैं। दोनों दलों ने इसे हिंदुत्व से जुड़ा गठबंधन 'महायुति' करारा दिया था। शिवसेना को इस गठबंधन में 124 सीटें दी गई थीं, वहीं 14 सीटें अन्य छोटी पार्टियों को दी गई थीं।

कमलेश तिवारी हत्याकांड: नागपुर से एक और संदिग्ध आरोपित सैयद आसिम अली गिरफ़्तार

इससे पहले यह पता चला था कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले संदिग्ध हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन की लोकेशन लगातार चेंज हो रही है। रविवार को पुलिस को पता चला कि उनकी लोकेशन.....

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता ने खुलकर की सावरकर की तारीफ, PM मोदी की प्रशंसा से भी नहीं चूके

".......इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि वे एक काबिल व्यक्ति थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दलितों के अधिकार की लड़ाई लड़ी और देश के लिए जेल गए।"

पुलिस से बचने के लिए राहगीरों से फोन माँगकर इस्तेमाल कर रहे कमलेश के हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपित अपने फोन की बजाय राहगीरों से मोबाइल माँगकर इस्‍तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों की तलाश में यूपी के शाहजहॉंपुर में मुसाफिरखानों और मदरसों पर छापेमारी की है।

राम मंदिर पर सुनवाई जल्दी पूरी होने से ख़फ़ा राजदीप: अपने ही बयान से पलटे, जजों पर ही बिफर पड़े

राजदीप सरदेसाई के इस बदले सुर से सभी हैरान हैं। अपनी ही बात से पलट गए हैं। पहले उन्होंने जल्दी सुनवाई ख़त्म करने का स्वागत किया था, अब वह पूछ रहे हैं कि इतनी जल्दी भी क्या है? उन्होंने गिरगिट की तरह रंग बदला है। राजदीप जजों को ही खरी-खोटी सुनाने लगे।

कमलेश तिवारी मर्डर: हत्यारों पर ₹2.5 लाख ईनाम, तलाश में मदरसे और मुसाफिरखानों पर छापे

संदिग्ध हत्यारे कानपुर से सड़क के रास्ते लखनऊ पहुंचे थे। कानपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी से इसकी पुष्टि हुई है। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बरेली में रात बिताई थी। हत्या के दौरान मोइनुद्दीन के दाहिने हाथ में चोट लगी थी और उसने बरेली में उपचार कराया था।

वतन के बदले क़ुरान के प्रति वफादार हैं मुस्लिम, वो कभी हिन्दुओं को स्वजन नहीं मानेंगे: आंबेडकर

"इस्लाम मुस्लिमों को कबूल नहीं करने देगा की भारत उनकी मातृभमि है। वे कभी नहीं कबूल करेंगे कि हिन्दू उनके स्वजन हैं।" राजनीतिक फायदे के लिए आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करने वाले भी आखिर क्यों आज उनकी इन बातों की चर्चा नहीं करते?

मुक्ति मार्ग पर 2 कदम और… कॉन्ग्रेस वह ‘बैल’ है जिसे अब गॉंधी भी हाँकना नहीं चाहते

कहते हैं कि आदमी को आगे से हॉंकते हैं और बैल को पीछे से। पार्टी तो जीते-जागते, विचारों से लैस लोगों का ही संगठन होता है। सो, कायदे से उसका भी नेतृत्व आगे से होना चाहिए। लेकिन, आज कॉन्ग्रेस को पीछे से हॉंकने को भी कोई तैयार नहीं है।

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