नब्बे के दशक में भी देश में तीन-तीन बार SIR किया जा चुका है, फिर हंगामा सिर्फ़ अभी क्यों? 1957 और 1961 में जब SIR हुआ था, तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे।
छांगुर पीर नेपाल से सटे जिलों में धर्मांतरण का नेटवर्क स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए ₹10 करोड़ खर्च करने की तैयारी थी। 46 गाँवों के हिंदू युवाओं को टारगेट बनाने वाला था।
ये बात भी गौर करने वाली है कि कॉन्ग्रेस का लाया ये एक्ट सिर्फ कर्नाटक के साथ साथ हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे कॉन्ग्रेस शासित राज्यों तक भी पहुँच सकता है।