'ज़मीन के भाव बढ़ जाएँगे तो स्थानीय लोगों को घाटा होगा'- नेहरू ने क्यों कहा था ऐसा? पढ़िए तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा का बयान। कौन थे अनुच्छेद 370 हटाने वाला बिल लेकर आने वाले प्रकाश शास्त्री जो बाद में एक ट्रेन दुर्घटना में मारे गए?
सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली इस पीठ ने अयोध्या मामले में रोजाना सुनवाई का फैसला लिया था। इससे पहले परंपरा के अनुसार मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को ही मामले की सुनवाई तय की गई थी।
राहुल गाँधी ने प्रणब मुखर्जी को बधाई देने के लिए यहाँ तक कि एक ट्वीट भी नहीं किया है। हाल ही में एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार को मैगसेसे अवॉर्ड मिला था, तब राहुल ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी थी।
जब भारत सरकार का रुख साफ़ है कि पूरा का पूरा जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग है और यह हमारा आंतरिक मुद्दा है, ऐसे में इन प्रोपेगेंडा पोर्टल्स द्वारा पाकिस्तानी अजेंडे को आगे बढ़ाना कहाँ तक उचित है?
अनुभवी आदमी शब्दों को अपने हिसाब से लिख सकता है कि वो एक स्तर पर श्रद्धांजलि लगे, एक स्तर पर राजनैतिक समझ की परिचायक, और गहरे जाने पर वैयक्तिक घृणा से सना हुआ दस्तावेज। रवीश अनुभवी हैं, इसमें दोराय नहीं।
आम धारणा यही है कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत में घुलमिल नहीं पाया तो इसकी वजह नेहरू की नीतियॉं थी। मोदी सरकार ने कॉन्ग्रेस को इससे पीछा छुड़ाने का मौका दिया। पर अफसोस, कॉन्ग्रेस न विपक्ष का धर्म निबाह पाई न राष्ट्रधर्म। उलटे खुद के वजूद के लिए नया संकट खड़ा कर लिया।
इमरान, खालिद और अनवर ने बर्थडे पार्टी को अनुच्छेद 370 से जुड़ा जश्न समझ कर धमकी दी। उसमें कहा कि यहाँ कोई जश्न नहीं होगा। इमरान ने धमकी दी कि यह कश्मीर नहीं पिड़ावा है और यहाँ जश्न नहीं चलेगा।
एक ओर जहाँ असमिया गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न उनकी असाधारण प्रतिभा के लिए दिया जा रहा है तो वहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को राजनीति में लंबी पारी के लिए और नानाजी देशमुख को ये सम्मान देश की बड़े स्तर पर समाज सेवा करने के लिए दिया जाएगा।
जुमे की नमाज और बकरीद को लेकर राज्यपाल ने समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दूसरे राज्यों में पढाई कर रहे जम्मू कश्मीर के छात्रों को उनके परिवार से बात कराने के लिए टेलीफोन लाइन स्थापित किए जाएँ। राज्यपाल ने बकरीद पर घर न लौट पाने वाले छात्रों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने हेतु फंड भी जारी किया।
आतंकी मुंबई में हमले करने की फिराक में हैं। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सरकार को इस बाबत आगाह किया है। मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी कही जाती है और वहाँ स्थित स्थलों को पहले भी आतंकियों द्वारा निशाना बनाया जा चुका है।