2011 से पहले बंगाल में ओबीसी की 108 जातियाँ थीं। लेकिन इसके बाद इसमें 71 जातियों को जोड़ दिया गया। इसमें से 66 जातियॉं मुस्लिमों की जोड़ी गई। वहीं, हिंदुओं की 5 जातियों को ही ओबीसी की लिस्ट में जगह मिल पाई।
इस्लामपरस्त, वामपंथी, लिबरल... पूरा गिरोह डर में है। 90 के दशक में जिस कहानी पर लीपापोती कर दी गई, वह गोदी मीडिया के जमाने में गाँव-गाँव तक पहुँच रही है।
'राजतरंगिणी' हो या 'नीलमत पुराण', अमरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना सदियों से होती आ रही है। 'बूटा मलिक ने इसे खोजा था' - ये नैरेटिव हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए बनाया गया।