शिवकुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर आलाकमान को संदेश दे दिया है। इसमें उनके तेवर भी छिपे हैं। कॉन्ग्रेस आलाकमान के प्रति अपने समर्पण की भी याद दिलाई है।
भाड़े के सैनिकों से भी युद्ध तभी जीते जाते हैं जब सेनापति खुद सक्षम हो। पर कॉन्ग्रेस का 'स्वयंभू सेनापति' निस्तेज और सामर्थ्यहीन है। खासकर जब मुकाबला नरेंद्र मोदी नाम के राजनीतिक बाहुबली से हो।
जो सफल युवा होते हैं, वो हिन्दू धर्म से नफरत करते हैं - ज़ोया अख्तर की 'दहाड़' इस नैरेटिव को आगे बढ़ाती है। विलेन की राजपूत जाति पर जोर दिया गया है। 'लव जिहाद' को नकारा गया है।
सीएम बोले, "...इनका पैटर्न पहले धर्मांतरण करो, धर्मांतरण करके फिर बेटी से शादी करो, फिर उसे भी धर्मांतरित करो और उसके बाद उसे आतंकवाद के दलदल में धकेल दो।"