कोर्ट ने ये भी नोट किया है कि एक गवाह बयान देने के लिए तैयार था, लेकिन फिर भी उसे पेश नहीं किया गया। साथ ही 'तहलका' के सर्वर में कुछ जरूरी इमेल्स थे, जिन्हें पेश नहीं किया गया।
निकलस वेड ने कहा कि चीन द्वारा इस सम्बन्ध में एक बृहद प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मीडिया के अंधेपन को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसने वैज्ञानिक मामलों में भी राजनीति घुसाई।
'द वीक' में सुनीता कोहली के लेख में कई बड़े खुलासे किए गए हैं। इसके मुताबिक, राजीव गाँधी ने भोपाल गैस त्रासदी के कुछ महीने बाद ही अपने वैनिटी प्रोजेक्ट के तहत पीएमओ का सौंदर्यीकरण करवाया था।