तीसरे चरण में किस सीट पर चाचा ने रचा है भतीजे के लिए चक्रव्यूह? पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे अमित शाह कैसे कर रहे हैं चुनाव प्रचार? थरूर को पहली बार कौन दे रहा है बड़ी चुनौती? किस सीट पर पिछले 40 वर्षों से है यादवों का कब्ज़ा? मैनपुरी से क्या होगा अंतिम बार चुनाव लड़ रहे मुलायम का?
गिरफ्तार लड़की मीडिया में काम कर चुकी है। साजिश में किसी एक निजी चैनल का मालिक भी शामिल हो सकता है। यह गैंग पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
लायोनेल बार्बर अपने समाचारपत्र फाइनेंशियल टाइम्स की ओर से भारत के आम चुनावों को कवर कर रहे हैं। इसी दौरान अपने एक दौरे पर, लिखते हुए उन्होंने जयाप्रदा पर आजम की टिप्पणी का उल्लेख किया और लिखा, "कोई बुरा कथन नहीं है, हालाँकि इसके लिए खान पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया गया।”
युवक ने मंच पर आकर दिग्विजय की बोलती बंद कर दी। युवक ने मंच पर पहुँच कर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र करते हुए कहा, "मोदीजी ने आतंकवादियों को मारा।" नीचे दिए गए वीडियो में आप देख सकते हैं कैसे युवक ने दिग्विजय को मुँहतोड़ जवाब दिया।
ये दो राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेश अध्यक्षों की लड़ाई होगी। दोनों ही ब्राह्मण हैं और दोनों ही पूर्वांचल से आते हैं। इस सीट पर पूर्वांचलवासियों की अच्छी-ख़ासी तादाद को देखते हुए कॉन्ग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उपयुक्त चेहरे पर दाँव खेला है। शीला बनाम तिवारी एक दिलचस्प मुक़ाबला होगा।
लोगों ने कहा कि चूँकि 'सब कुछ मोदी ने किया है', इसी लिए वो मोदी को ही वोट करेंगे। सभा में उपस्थित किशोरों व अन्य युवाओं ने भी मोदी को वोट करने की बात कही। राजद की रैली में आए लोगों ने 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए।
जयाप्रदा ने इस टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा, “तय नहीं कर पा रही हूँ कि रोऊँ या हँसूँ, जैसा पिता वैसा पुत्र। अब्दुल्ला से यह उम्मीद नहीं थी। वह पढ़े-लिखे हैं। आपके पिता मुझे आम्रपाली कहते हैं, आप मुझे अनारकली कहते हैं; क्या यही समाज की औरतों को देखने का आपका नजरिया है?”
एक तरफ़ चीनी मिल वाला मुद्दा है जिस पर केंद्रीय मंत्री चुप हैं वहीं दूसरी तरफ़ है उनकी संगठनात्मक क्षमता एवं अनुभव, जिसके आधार पर वह प्रतिद्वंद्वियों पर भारी पड़ रहे हैं। यहाँ कृषि मंत्रालय में रहे वर्तमान व पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के बीच ईगो का टकराव है। सवाल यह भी है, क्या कुशवाहा ने टिकट बेचा? मोतिहारी से ग्राउंड रिपोर्ट
CM योगी द्वारा बाटला आतंकियों से सम्बन्ध पर उठाए सवाल से बौखलाए सलमान खुर्शीद ने कहा, "मुझे खुशी है योगी मुझसे लड़ाई मानते हैं, अगर उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा है तो जब चाहे जहाँ चाहे मुझसे बहस कर लें।"
इंदौर भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि यहाँ लगातार पिछले 8 चुनावों से ताई के नाम से पुकारी जाने वाली सुमित्रा महाजन का कब्ज़ा है और 30 वर्षों में ऐसा पहली बार हो रहा है जब वो चुनाव नहीं लड़ रही हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की संगठनात्मक जिम्मेदारियों का हवाला देकर इस सीट से न लड़ने की बात कही थी।