'न्यूज़क्लिक' से जुड़े पत्रकारों पर छापे से वामपंथी लिबरल पत्रकारों का गैंग तिलमिला उठा है। उन्होंने इसे प्रेस की आज़ादी पर हमला बता डाला है। चीनी फंडिंग पर चुप।
"कॉन्ग्रेस, चीन और न्यूज़क्लिक एक गर्भनाल का हिस्सा हैं। राहुल गाँधी की 'नकली मोहब्बत की दुकान' में चीनी सामान साफ देखा जा सकता है, चीन के प्रति उनका प्रेम देखा जा सकता है।"