जुलाई में 50 लाख सैलरी वाले लोगों की नौकरी जाने का अंदाजा लगाया गया है, जो कि पूरे कोविड आपदा के दौरान दो करोड़ तक कही जा रही है। ये आँकड़े अच्छे नहीं हैं। न ही इसे किसी भी तर्क से सही कहा जा सकता है।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कहीं भी इस बात का बिल्कुल ही जिक्र नहीं है कि अंग्रेजी को एकदम हटाया जाए। इस नीति में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो भी विदेशी भाषा है, उसको विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा।