जम्मू-कश्मीर स्थित कठुआ में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की याद में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनकर तैयार होगा। यह स्टेडियम लगभग 68 करोड़ रूपए की लागत से 170 कनाल भूमि पर बनेगा। केंद्र सरकार ने इस स्टेडियम के लिए 10 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है।
उन्होंने कहा कि एनआरसी में कई डरावने प्रावधान हैं। जब उनसे पूछा गया कि एनआरसी के ड्राफ्ट कहाँ हैं तो स्वरा भास्कर ने कहा कि ये सब देखना मेरा काम नहीं है। मतलब बिना ड्राफ्ट आए ही स्वरा को पता चल गया कि एनआरसी में डरावने प्रावधान हैं।
फरवरी 24, 2020 को केंद्र सरकार द्वारा जारी 'प्रधानमंत्री किसान योजना' को ठीक एक साल पूरा हो जाएगा। सरकार ने देश के अन्नदाताओं की माली हालत में सुधार के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। वर्ष 2019 में पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से इस योजना का उद्घाटन किया था।
जज मिश्रा ने कहा, "राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन चुनौतियाँ का न्यायपालिका आज सामना कर रही है, वे समान हैं, और इस लगातार बदलते विश्व में न्यायपालिका का एक अति महत्वपूर्ण रोल है।" उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक दूरदर्शी और प्रतिभाशाली पीएम बताया।
शाहीन बाग़ के लोग तो अब मनुवादी होते हुए कह रहे हैं, "हम देवता हैं, आकर हमारी पूजा करो तो हम मान जाएँगे। लेकिन आकर पूजा तो करो।" और प्रधानमंत्री के समर्थक उन्हे बार बार कह रहे हैं, "बुलाती है, मगर जाने का नहीं।"
महंत नृत्य गोपाल दास रामजन्भूमि न्यास के भी अध्यक्ष हैं। परमहंस रामचंद्र दास के निधन के बाद वे न्यास के अध्यक्ष चुने गए थे। परमहंस रामचंद्र दास ने करीब 70 साल तक रामलला की लड़ाई थी।
तापस पॉल टीएमसी के पूर्व सांसद थे। हृदयगति रुकने की वजह से उनका निधन हो गया था। रोज वैली चिट फंड घोटाले में एक साल से भी अधिक समय तक जेल में रहे पॉल रेप की धमकी देने वाले बयान को लेकर विवादों में भी रहे थे।
भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अमूल्य योगदान के लिए विदेश मंत्रालय ने 14 फरवरी को उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर इसकी घोषणा की है। इससे पहले स्वराज को गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया था।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लक्ष्य तय करते हैं, आलोचनाओं का सामना भी उन्हें ही करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वो अपने कर्तव्य को समझने के साथ-साथ उन लोगों से भी अपेक्षा करते हैं, जो सिर्फ अधिकारों की बात करते हैं।
"हम अगर उसी तरीके से चलते, जिस तरीके से आप लोग चलते हैं तो इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती रहती, नाबालिग से रेप के मामले में फाँसी की सजा का कानून नहीं बनता, राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती, करतारपुर कॉरिडोर कभी नहीं बनता, भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद कभी नहीं सुधरता।"