“यहाँ पर दो परिवार रहकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। अगर यहाँ पर हिन्दुओं का सिर्फ दो परिवार होता तो ये लोग कब का उजाड़ कर मार दिए होते, घर में आग लगा दिए होते। आज हमारे साथ हुआ है। कल को किसी और के साथ हो सकता है।”
जिस समय ये वारदात घटी उस समय बच्ची अपने घर में अकेली थी। उसके माता-पिता व बहन खेतों पर फसल की कटाई करने गए थे। देर शाम जब परिजन घर पहुँचे तो वहाँ का नजारा देख उनके होश उड़ गए। घर में बिटिया का शव नग्न अवस्था में मिला।
सुरेंद्र का सफदरगंज अस्पताल में पहले से ही इलाज चल रहा था। उन्हें रात के क़रीब 11 बजे हार्ट अटैक आया था। उन्हें अस्पताल ले जाते समय कालिंदी कुञ्ज मार्ग पूरी तरह बंद था।
तोमर बीजेपी के मंडल अध्यक्ष थे। AIMIM के पश्चिमी यूपी के प्रभारी आरिफ की गिरफ्तारी के बाद इस हत्या में कुरैशी की भूमिका उजागर हुई थी। लेकिन वह फरार हो गया था।
"हमें आशंका है कि हमलावरों ने पीड़िता की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को यहाँ फेंक दिया। शरीर को फेंकने के बाद उसके चेहरे को कुचला गया। हम अधिक सुराग खोजने के लिए आसपास के क्षेत्रों में पड़ताल कर रहे हैं। हमें यह देखने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा कि क्या पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया गया था।"
कोर्टरूम में ही उससे लगभग एक घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद कस्टडी वाले एप्लीकेशन को दायर किया गया। अंकित शर्मा की हत्या के केस में सलमान को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है। ताहिर हुसैन इस मामले का मुख्य अभियुक्त है।
ससुराल ले जाने के बहाने देवर मेराज ने नसरीन को बाइक पर बिठाया। घर न ले जाकर उसे अडगोड़वा के एक खेत में ले गया। वहॉं पहले से ही उसके दो अन्य साथी मौजूद थे। खेत में तीनों ने नसरीन के हाथ-पैर बॉंध सिर कलम कर दिया। इसके बाद सिर सरयू नदी में फेंक दिया।
बाप-बेटे के गिरते ही अल्लाह हू अकबर के नारे लगाती 200 लोगों की भीड़ ने घेर लिया। तब तक पीटा जब तक भोले बाबा की मौत नहीं हो गई। बेटे ने मरने का नाटक कर खुद को बचाया। भोला बाबा ने उस दिन बस एक गलती कर दी थी। वे वजीराबाद इलाके की उस रेखा को लॉंघ गए थे जो 'बॉर्डर' है।
हाजी अलीम 9 अक्टूबर 2018 की रात अपने कमरे में मृत मिले थे। पारिवारिक विवाद में अनस ने अपने पिता की हत्या कराई थी। हत्या में दो और लोगों के नाम भी सामने आए हैं।