'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत हमेशा से ही पाकिस्तान पर हावी रहा। भारतीय सेना ने भोलारी एयरबेस, नूर खान एयरबेस, रहीम यार खान एयरफील्ड, सरगोधा एयरबेस, पसरूर और सियालकोट स्थित एयरबेस के रडार स्थलों समेत कई मुख्य जगहों पर हमला किया था।
पंजाब पुलिस ने पिछले सप्ताह अमृतसर में रहीम के लिए जासूसी कर रहे दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी की। रहीम इन लोगों के संपर्क में था। पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को इस बारे में सूचना दी। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने रहीम को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय उच्च आयोग का एक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के खिलाफ काम कर रहा था इसलिए उसे 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया गया है और 24 घंटे में पाकिस्तान छोड़ने पर निर्देश दिए गए हैं।
शिवांगी के पिता कुमारेश्वर ने कहा कि उस समय हमारे पास कोई जरिया नहीं था कि जो न्यूज चल रही है, इसकी पुष्टि कर सके। कुछ समय बाद हमें सही बात पता चल गई और तब हमने रात की सांस ली।
DG ISPR ने प्रेस से बात करते हुए दावा किया कि जिस आदमी को भारतीय अधिकारियों और मीडिया ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी कहा है, असल में वह महज एक प्रचारक और निर्दोष आदमी है। अपने दावे के समर्थन में DG ISPR ने हाफिज का पहचान पत्र और वीडियो बयान को भी सबके सामने रखा।
नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि आतंकी हमले के 96 घंटे के अंदर ही हमने अपने हथियारों, युद्ध पोतों और अन्य तैयारियों को परखा और एक्शन के लिए तैनात हो गए दुश्मन को सबक सिखाया जा सके।