विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?
बुधवार रात पंजाब के अटारी स्थित भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के रास्ते भारत आए 43 पाकिस्तानियों को क्वारंटाइन फैसिलिटी सेंटर में भेज दिया गया है। 43 में से 29 ऐसे हैं जो दुबई से लौटे हैं, जबकि 14 पाकिस्तान में पढ़ाई कर रहे हैं।
इमरान ख़ान ने ये कह कर अपने ही देशवासियों को सकते में डाल दिया है कि अगर ज्यादा लोग कोरोना का शिकार हुए तो देश की स्वास्थ्य व चिकित्सा व्यवस्था धड़ाम हो जाएगी। इमरान ने कहा कि जो वृद्ध लोग हैं, सिर्फ उन्हें ही तुरंत मेडिकल अटेंशन देने की ज़रूरत है।
"पाकिस्तान में विश्वविद्यालय के छात्र 'कोरोना वायरस जिंदाबाद' का जाप कर रहे हैं, क्योंकि कोरोना आउटब्रेक के कारण उनकी परीक्षा स्थगित हो गई हैं। इससे उन्हें तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है।"
इस बात के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं है कि इस 'हग अ चायनीज' कैम्पेन के कारण ही इटली में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला, क्योंकि सभी चीनी नागरिक इस वायरस से संक्रमित नहीं हैं, जिसके कारण उनसे भेदभाव किया जाए। साथ ही यह भी सही है कि इस तरह के कैम्पेन को कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए फिलहाल टाला जा सकता था।
तीनों छात्रों ने देश विरोधी विडियो उस समय बनाया जब कॉलेज में पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया था। वे इस कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय हॉस्टल में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए विडियो बना रहे थे।
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान की माँग है कि प्रशासन ऐसी रैलियों पर तत्काल रोक लगाए। उनका कहना है कि इस्लाम में महिलाओं को जितने अधिकार दिए गए हैं, उससे आगे नहीं बढ़ना चाहिए। वकील अज़हर सिद्दीकी का कहना है कि ये मार्च पश्चिमी अजेंडा का हिस्सा है।