PM मोदी को पिछले साल प्रतिष्ठित सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उससे पहले, संयुक्त राष्ट्र ने 'चैंपियंस ऑफ़ द अर्थ अवार्ड्स' फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्राँ के साथ संयुक्त रूप से दिया था।
"जिस तरह से अच्छी फसल के लिए अच्छे बीज और बारिश की जरूरत होती है, ठीक वैसे ही राजनीतिक ज़मीन को भी तैयार करना पड़ता है। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत हो, यही जीतने का मंत्र है"
जिन पत्रकारों ने इस मुद्दे पर लिखा है, उनमें से किसी ने भी (उस महिला पत्रकार को छोड़कर, जिसने एक मिनट से भी कम बात की) जस्टिस सिकरी या जस्टिस पटनायक से संपर्क नहीं किया, न ही करने की कोशिश की
पीएम पर कटाक्ष करते समय जिग्नेश मेवानी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के बीच का अंतर भूल गए। अपने ट्वीट में जिग्नेश ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री 26 जनवरी के लिए भी कुछ बोलना बाक़ी रखेंगे?
वहीं मीडिया के दूसरे हिस्से ने इस तस्वीर को देखकर माननीय मोदी जी को एक ‘कम्प्लीट स्टेट्समैन’ कहते हुए कहा कि मोदी ने लगातार दिल लूटते हुए पीएमओ के ‘हार्ट बैंक’ में कई लाख दिल और जमा करा लिए हैं, जिसका ट्रान्सप्लांट हेतु इस्तेमाल किया जाएगा
काम के घंटों के बाद यदि कोई कर्मचारी (महिला/ पुरुष) चाहे तो बॉस के कॉल को डिस्कनेक्ट कर सकता/ सकती है। हालाँकि बॉस के अलावा सहयोगी कर्मचारी अन्य कर्मचारी से समपर्क कर सकता है