बत्ती वाली गाड़ी, वीआईपी नंबर प्लेट, अपना चैंबर और उसमें पर्सनल स्टाफ... ट्रेनी पीरियड में पूजा खेडकर इन चीजों की डिमांड कर रही थीं और अधिकारियों को परेशान कर रही थी
अदालत के फैसले के बाद आरोपित किशोर के दादा जेल से रिहा हो जाएँगे, लेकिन पिता को जेल में ही रहना होगा। पिता विशाल अग्रवाल पर खून के अदला-बदली करने में मिली-भगत के आरोप हैं।
कटारू की हत्या येरवडा के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर इस्माइल रियाज शेख ने की। धारदार हथियार से हुई इस हत्या में शेख का साथ उसके दोस्त उमेश गुप्ता ने भी दिया।
पुणे केस में सूत्रों से दी गई खबर में पुलिस के हवाले से कहा गया कि अधिकारियों ने लड़के से बार-बार घटना वाले दिन से जुड़े सवाल किए, लेकिन उसने कहा- 'मुझे कुछ याद नहीं।'