NDTV के हठी पत्रकार को जब अपने इस सवाल का जवाब नहीं मिला तो वो राहुल गाँधी की गाड़ी के पास जा पहुँचा और राहुल गाँधी से शिकायती अंदाज़ में पूछा, “आपने जवाब नहीं दिया, समोसा कैसा था?” लेकिन, इस बार पत्रकार महोदय को जवाब मिल जाता है, और राहुल बताते हैं कि हाँ उन्हें समोसा अच्छा लगा।
रवीश कुमार को राहुल गाँधी के साथ, जेठ की दुपहरिया में खुले आसमान के नीचे इंटरव्यू करते हुए देखा तो ख्याल आ गया कि यह बंदा इश्क में फलाना-ढिमकाना हो जाना लिखता है, लेकिन असल जिन्दगी में बेइन्तिहाँ नफरत और कुंठा ढोता है।
राहुल के अनुसार भाषणों में मोदी सरकार के कामकाज की आलोचना करना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। शहडोल में भाजपा की आदिवासी विरोधी नीतियों को लेकर दिया गया था। इसलिए शिकायत को रद्द किया जाना चाहिए।
ब्रिटिश नागरिकता और उनके नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुका है, जिसके लिए भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा था।
ककरहिया गाँव के बारे में बता दें कि इस गाँव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदर्श ग्राम योजना के तहत 23 अक्टूबर 2017 को गोद लिया गया था। इसके बाद गाँव में हुए विकास ने वहाँ के लोगों का जीवन बदल कर रख दिया।
मेहमानों की सूची में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गाँधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, उनकी विधवा माँ आर. मैनो, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। साथ ही पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया और उनके तीन बच्चे भी मौजूद थे।
दिग्विजय सिंह की इस रैली में पूरा माहौल भगवा रंग में रंगा नजर आया। रैली में शामिल लोगों ने भगवा झंडा लिया हुआ था और गले में भगवा पट्टे भी ओढ़े हुए थे। इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस के जवान भी सादी वर्दी पहने गले में भगवा रंग का पटका डाले नजर आए।
अखबार की इस कटिंग में अमेरिकी DNA विशेषज्ञ मार्टिन सिजो के हवाले से इस खबर में दावा किया गया है कि मार्टिन सिजो के पास राजीव गाँधी और राहुल गाँधी के DNA हैं, जो अलग-अलग हैं। साथ ही, खबर में दावा किया जा रहा है कि डीएनए विशेषज्ञ मार्टिन सिजो, भारत आकर इस बात के सुबूत देने के लिए तैयार हैं।
मैं माननीय उच्चतम न्यायालय का ग़लत हवाला देने के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगता हूँ। साथ ही मैं माननीय उच्चतम न्यायालय को यह भी बताना चाहता हूँ कि ये बयान ग़ैर-इरादतन, अनजाने में असावधानी से दिया गया था। मैं आग्रह करता हूँ कि कृपया मेरी क्षमा प्रार्थना स्वीकार की जाए और मेरे ख़िलाफ़ चल रहे अवमानना मामले को बंद कर दिया जाए।"
यदि पीएम मोदी के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर डालें तो फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम प्लेटफार्म्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स की संख्या 11,09,12,648 है।