राहुल गाँधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की जिस 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' किताब को संसद में दिखाया, वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पब्लिशर 'पेंगुइन' ने इस मामले में बयान जारी किया है।
संसद में कॉन्ग्रेस बिना छपी किताब का सहारा लेकर सरकार और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन जब निशिकांत दुबे ने छपी किताबें पेश की, तो कॉन्ग्रेस बौखला गई।