कोरोना के चलते में पश्चिम बंगाल में पॉलिटिकल रैली नहीं करने की नैतिकता की बातें करने के बाद सीपीआईएम ने पश्चिम बंगाल में बड़ी राजनैतिक रैली की। इसमें हजारों की संख्या में लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नजर आए।
इस मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी राहुल गाँधी के विचारों से इत्तेफाक न रखते हुए भीड़ में शामिल हो रहे हैं। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
राहुल गाँधी भले ही केंद्र सरकार पर हमला करने के लिए वैक्सीन का सहारा ले रहे हों और वैक्सीन फॉर ऑल की माँग कर रहे हों लेकिन इससे यह साबित होता है कि उन्हें वैक्सीन और उसके वितरण संबंधी प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है।
राहुल, इससे पहले भी कई बार आरएएस पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कुछ समय पहले आरएसएस द्वारा संचालित स्कूलों की तुलना पाकिस्तान में चलने वाले इस्लामी संगठन व मदरसों से की थी।
"हम प्यार के खिलाफ नहीं हैं, हम 'जिहाद' के खिलाफ हैं। किसी को धोखा देकर, नाम बदलने या बेईमान तरीके से प्यार नहीं करना चाहिए। हमने फ्रीडम टू रिलिजन एक्ट 2021 कानून बनाया है।"